Apricot in hindi

Apricot in Hindi : खुबानी के फायदे नुकसान उपयोग विधी

इस लेख Apricot in Hindi में खुबानी से जुड़ी सभी जानकारी को शामिल किया गया है जैसे खुबानी का उपयोग कैसे करें, किन-किन बीमारियों के लिए लाभदायक है, इसमें उपस्थित पोषक तत्व, इसके खाने के नुकसान, इसका उचित रख रखाव । जो आपको इसके सेवन से पहले जानना बहुत जरूरी है। इसलिए इस लेख को आप अंत तक जरूर पढें। जिससे उचित जानकारी प्राप्त हो।

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एप्रीकॉट को हिंदी में क्या कहते हैं – Apricot in Hindi Name / What is Apricot Fruit Called in Hindi

Apricot fruit (एप्रीकॉट फ्रूट) को हिंदी में खुबानी कहा जाता है।

खुबानी क्या है ? What is Apricot in Hindi –

एप्रीकॉट/खुबानी एक प्रकार का फल है। जिसमे बीज होता है। ऊपर में एक पतली छिलका / त्वचा होता है। और छिलके के अंदर नरम गुदा होता है जिसे खाने के लिए उपयोगी माना जाता है। कई वैज्ञानिक शोध के उपरांत ऐसा माना गया है कि इसका उत्पत्ति सबसे पहले अर्मेनिया में हुई थी। इसलिए इस का वैज्ञानिक नाम प्रूनस अर्मेनियाका ( Prunus Armeniaca ) रखा गया है।


खुबानी Apricot आड़ू या प्लम जैसा होता है। इसका रंग आमतौर पर हल्का पीला या नारंगी होता है। इसके फल पर जिस तरफ से सूर्य का रोशनी पड़ता है उस तरफ रंग हल्का लाल हो जाता है। यह पेड़ पर उगने वाला फल है। यह ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्र में होता है। इसकी लंबाई 8 से 10 मीटर तक हो सकती है। इसकी टहनियां और पत्तों बहुत घना होने के कारण छायादार वृक्ष भी माना जाता है।

Apricot / खुबानी में प्राकृतिक रूप से बहुत अधिक मात्रा में औषधीय गुण पाए जाते हैं इसके कारण यह कई बीमारियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसका सेवन करने के लिए डॉक्टर जरूर सलाह देते हैं। इसका उपयोग खाने में कई प्रकार से किया जा सकता है जैसे खुबानी का ताजा फल, सूखा खुबानी, रस के रूप में, जैम के रूप में, जेली के रूप में।

खुबानी का इतिहास – History of Apricot in Hindi –

  • ज्यादातर वैज्ञानिक का मानना है कि इसका उत्पत्ति सबसे पहले आर्मेनिया में हुआ था।
  • एप्रीकॉट या खुबानी की उत्पत्ति का रहस्य यह भी है कि 400 साल पहले खुबानी की खेती सबसे पहले चीन में शुरू किया गया था।
  • फिर इसे व्यापारियों के द्वारा यूरोप लाया गया और वहां भी खेती शुरू की गई ।
  • यूरोप से अंग्रेज ले गए और वहां इसका बहुत ज्यादा मात्रा में उत्पादन आज भी किया जा रहा है।
  • बहुत सारे विशेषज्ञों का यह भी दावा है कि 3000 साल पहले इस फल की खेती का शुरुआत भारत में किया गया था। जिसका मूल क्षेत्र कश्मीर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्र था।
  • आज भी भारत और पाकिस्तान में इसका खेती बहुत अधिक मात्रा में किया जाता है।
  • विक्टोरिया में इसका उत्पादन बहुत ज्यादा होने के कारण उसे खुबानी का उत्पादन केंद्र माना जाता है।
Apricot in hindi Khubani

खुबानी में उपलब्ध पोस्टिक गुण – Nutritional Properties in Apricot in Hindi

खुबानी में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन A, विटामिन B1, B2 , विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K, नियासिन, उर्जा, कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैग्नीज , कॉपर, बसा, बीटा कैरोटीन, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है।

सुखी खुबानी में उपलब्ध पौष्टिक गुण – Nutritional Value in Dry Apricot in Hindi –

ताजा खुबानी के जैसा ही लगभग सभी गुण सुखी खुबानी में भी पाए जाते हैं। ज्यादातर उपलब्धता के दृष्टिकोण से सूखी खुबानी का ही उपयोग किया जाता है

100 ग्राम खुबानी में उपलब्ध पोषक तत्व

पोषक तत्व के प्रकार – मात्रा

पोटेशियम  - 1162 मिलीग्राम
सोडियम - 25 मिलीग्राम
कैल्शियम - 100 मिलीग्राम
फाइबर - 3 से 5 ग्राम
घुलनशील फाइबर - 0.7 से 0.9 ग्राम
ऊर्जा - 50 कैलोरी
कार्बोहाइड्रेट - ज्ञात नहीं
बसा - ज्ञात नहीं
प्रोटीन - ज्ञात नहीं

यह आंकड़ा फल की क्वालिटी पर निर्भर करता है यह आंकड़ा अनुमानित हो सकता है यह निश्चित नहीं है।

खुबानी के स्वास्थ्य लाभ – Health Benifit of Apricot in Hindi –

  • एप्रीकॉट यानी खुबानी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक फल है।
  • इसमें बहुत अधिक मात्रा में औषधीय गुण होता है।
  • ऊर्जा के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कई कंपनियां कॉस्मेटिक बनाने के लिए भी खुबानी का इस्तेमाल करते हैं।
  • सुंदरता के दृष्टिकोण से भी बहुत गुणकारी माना जाता है। इसे खाने से भूख और प्यास भी ज्यादा देर तक सहन किया जा सकता है।

नीचे के लेख में बताया गया है कि कौन-कौन सी बीमारी में खुबानी खाने से किस प्रकार लाभ मिलता है। इसे ध्यानपूर्वक पढ़े हो सकता है इससे आपको किसी को मदद करने के लिए जरूरत पड़े।

एनीमिया को दूर भगाती है खुबानी –

  • इस बीमारी में खून की कमी होती है। जिससे शरीर में कमजोरी थकान घबराहट चिड़चिड़ापन जैसी लक्षण दिखाई देता है।
  • खुबानी में लोहे और तांबे की भरपूर मात्रा में मौजूदगी होने के कारण हिमोग्लोबिन के बनने में बहुत मदद करता है।
  • लोहा और तांबा शरीर में लाल रक्त के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता।
  • लाल रक्त के बिना शरीर में किसी भी कार्य को प्रभावी ढंग से होने में बाधा उत्पन्न हो सकता।
  • खुबानी में यह दोनों होने के कारण रक्त निर्माण में सहायता मिलता है।
  • साथ ही साथ शरीर के सभी अंगों को कुशल तरीके से कार्य करने में सहायता मिलता है।

कब्ज की बीमारी को ठीक करती है खुबानी –

  • डॉक्टर कब्ज की बीमारी में फाइबर युक्त मोटे अनाज को खाने के लिए सलाह देता है जिससे पाचन प्रक्रिया अच्छी हो सके।
  • खुबानी में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो कब्ज गैस से परेशान व्यक्ति को इससे छुटकारा दिला सकता है।
  • फाइबर का मुख्य कार्य है पाचन रस के निर्माण को उतेजित करना, भोजन में मौजूद पोषक तत्व को अवशोषित करने में मदद करना तथा भोजन को तोड़ने में भी मदद करता है। इसके अलावा फाइबर महत्वपूर्ण पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद करता है जिससे पाचन तंत्र को भोजन को पचाने में आसानी मिलती है।
  • इसमें मौजूद फाइबर तथा औषधीय गुणों के कारण हर किसी व्यक्ति को इसके सेवन के लिए सलाह दी जाती है।

द्रव संतुलन को बनाए रखने के लिए खूबानी का सेवन करें –

  • शरीर में द्रव संतुलन को कायम रखने के लिए मुख्य रूप से दो खनिज पोटेशियम और सोडियम जिम्मेदार होता है। पोटेशियम और सोडियम खुबानी में अधिक मात्रा में उपलब्ध होता है।
  • खुबानी के निरंतर सेवन करने से शरीर में द्रव्य का संतुलन बना रहता है।
  • जिससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है। और शरीर में सभी अंग एवं मांसपेशियां हमेशा सक्रिय रहता है।
  • द्रव्य का संतुलन बना रहने से शरीर के सभी अंगों में रक्त का समुचित प्रवाह होता रहता है जिससे शरीर में ऐठन थकान कमजोरी का एहसास कम होता है।

खुबानी हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है Apricot Benefits for Bone Health in Hindi –

  • हड्डियों के विकास के लिए मुख्य रूप से दो खनिज कैल्शियम और फास्फोरस जिम्मेदार होता है।
  • इसके अलावा लोहा तांबा मैग्नीज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
  • खुबानी में कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम ये सभी खनिज भरपूर मात्रा में उपलब्ध होता है।
  • इसलिए हड्डियों की मजबूती तथा पूर्ण विकास के लिए खूबानी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • इसके लगातार सेवन से किसी भी उम्र के व्यक्ति को हड्डी संबंधित परेशानी आसानी से दूर किया जा सकता है।
  • जब किसी व्यक्ति को हड्डी में दरार या टूट-फूट होने पर उसका सेवन करना चाहिए जिससे उसकी हड्डियों को जल्द जुड़ने में मदद मिले।
Khubani image Apricot in hindi

अस्थमा के रोगी को खुबानी की सेवन से राहत मिलता है-

  • डॉक्टर अस्थमा के मरीज को विटामिन सी की सेवन का सलाह देता है।
  • खुबानी यानी एपरिकोट में विटामिन सी की समृद्धि होती है।
  • ऐसे में खूबानी का सेवन अस्थमा से राहत दिला सकता है।
  • विटामिन सी सांस की तकलीफ को कम करने में सहायक होता है। तथा सांस से संबंधित संक्रमण को भी दूर करने में लाभकारी साबित होता है।
  • अस्थमा से परेशान व्यक्ति इसका सेवन उचित मात्रा में अपने डॉक्टर की सलाह पर करें। जिससे उसे संपूर्ण लाभ मिल सके।
  • ऐसे में सुखा या ताजा कोई भी खूबानी का सेवन लाभदायक होगा।

दिल ( हृदय ) को स्वस्थ बनाता है खुबानी Apricot Benifit for Heart Health in Hindi –

  • खुबानी में उपलब्ध फाइबर, विटामिन सी, पोटेशियम हृदय को स्वस्थ रखने में बहुत सहायक होता है।
  • इसके सेवन से हृदय से संबंधित बीमारी को ठीक करने में सहायता मिलता है। जिसमें हार्ट अटैक , उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक आदि शामिल है।
  • इसमें उपलब्ध विटामिन सी दिल के मुक्त कणों से सुरक्षा देता है।
  • खुबानी में उपलब्ध फाइबर कोलेस्ट्रोल को तोड़ता है खराब कोलेस्ट्रोल को कम करता है तथा अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
  • पोटेशियम रक्त धमनियों के तनाव को कम करता है तथा रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
  • फाइबर, विटामिन सी, पोटेशियम एक साथ मिलकर हृदय को स्वस्थ रखने में गुणकारी माना जाता है।
  • कोरोनरी आर्टरी कैलशिफिकेशन से बचने के लिए सूखी खुबानी का सेवन करना ज्यादा उचित होगा।

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गर्भावस्था में खूबानी का सेवन – use of Apricot during Pregnancy in hindi

  • खूबानी का सेवन गर्भावस्था के दौरान करना बहुत ही समझदारी की बात है।
  • जब महिला गर्भवती होती है तो उसे सबसे ज्यादा विटामिन, खनिज तथा ऊर्जा की जरूरत होती है।
  • ऐसे में खूबानी का सेवन उचित हो सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून की जरुरत बहुत ज्यादा होती है।
  • ऐसे में शरीर में खून न रहने के कारण एनीमिया का शिकार हो सकती है।
  • खुबानी में बहुत ज्यादा मात्रा में आयरन , कॉपर इत्यादि उपलब्ध होता है जो खून के निर्माण में बहुत सहायक होता है।

इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित करता है खुबानी-

खुबानी में उपलब्ध फाइबर और पोटेशियम इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित करने में मदद करता है शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि-

  • यह शरीर में पानी की उपलब्धता को संतुलित करता है। शरीर में उपलब्ध पीएच की स्तर को कम या ज्यादा होने से बचाता है।
  • सभी कोशिकाओं को जरूरी पोषक तत्व को ट्रांसफर करता है ।
  • बॉडी को शारीरिक क्रियाकलाप को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
  • हृदय संबंधी विकार को दूर करने में मदद करता है। कोशिकाओं से अवशिष्ट पदार्थ को बाहर निकलता है।
Apricot in hindi

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है खुबानी –

खुबानी में उपलब्ध पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
जिस व्यक्ति का रक्तचाप उच्च रहता है उसे खूबानी का सेवन करना लाभदायक है।
इसकी संतुलन बनाए रखने के लिए रोज दो से तीन खुबानी का सेवन करें।
इसकी ज्यादा लाभ लेने के लिए खाली पेट सेवन कर सकते हैं।

पाचन शक्ति बढ़ाती है खुबानी –

  • स्वस्थ शरीर के लिए पाचन शक्ति को सही रखना बहुत ही जरूरी होता है।
  • खुबानी में उपलब्ध फाइबर की मात्रा पाचन क्रिया को तंदुरुस्ती देता है।
  • ज्यादातर बीमारी का कारण पाचन क्रिया के खराब होने के कारण ही होता है।
  • पाचन क्रिया सही करने के लिए खूबानी का सेवन करें।

मशल्स निर्माण (बॉडी बनाने) में सहायक है खुबानी फल-

  • इस फल में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन, खनिज, ऊर्जा, प्रोटीन होने के कारण मशल्स निर्माण में सहायक मना जाता है।
  • मशल्स निर्माण के लिए सबसे ज्यादा जरूरी प्रोटीन होता है। इ
  • समें प्रोटीन की भी उपलब्धता बहुत अच्छी मात्रावमे पाया जाता है जो बॉडी बनाने वालो को जरूर कहना चाहिए।
  • बॉडी बिल्डिंग के लिए इस फल का सेवन नित्य करे , मशल्स बनने का रिजल्ट जल्द मिलने लगेगा।

मोटापा या वजन कम कर सकता है खुबानी का सेवन –

  • खुबानी में प्रचुर मात्रा में फाइबर उपलब्ध होता है जो वजन कम करने में सहायक होता है।
  • इसमें कैलोरी बहुत कम होता है।
  • इसे खाने के बाद भूख और प्यास का एहसास कम होता है। जिससे आप वजन को कम कर सकते हैं और संतुलित आहार भी मिलता रहेगा।
  • यह उपापचय क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। जिससे आपका शरीर का संतुलन बना रहता है।
  • शरीर में उपलब्ध विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • खुबानी बल्कि एजेंट के रूप में भी कार्य करता है जिससे ज्यादा भोजन करने की जरूरत नहीं होती है।

एंटी कैंसर के रूप में खुबानी को जाना जाता है-

  • खुबानी के गुठली में एक प्रकार की रसायन पाया जाता है जिसे एमिगडलीन कहा जाता है।
  • एमिगडलीन एक साइनोजेनिक ग्लाइकोसाइड है जिसे एंटी कैंसर कहा जाता है।
  • इसमें उपलब्ध कैरोटिनॉइड और एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के असर को हद तक कम कर सकता है।
  • इसके बीज में उपलब्ध रसायन शरीर के लिए हानिकारक भी होता है इसके ज्यादा सेवन से व्यक्ति का शरीर को दुष्प्रभाव हो सकता है। प्वाइजनिंग या जहरीला होने के कारण व्यक्ति का मृत्यु भी हो सकता है
  • इसके सेवन से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

खुबानी का तेल त्वचा को सुंदर एवं कोमल बनाता है-

खुबानी के तेल में विटामिन ए तथा एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो त्वचा के देख भाल के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है। इसके निम्न लाभ हैं हैं-

  • त्वचा को बीमारी से बचाता है।
  • इसे त्वचा बहुत आसानी से अवशोषित कर लेता है।
  • इसको लगाने से त्वचा चिकनी, स्वस्थ, सुंदर एवं मुलायम हो जाता है।
  • इसका उपयोग खुजली एवं एक्जिमा को को दूर करने में भी किया जाता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होने के कारण त्वचा के मुक्त कणों के प्रभाव से बचाता है।

सुखी खुबानी में आंखों को स्वस्थ रखने वाला तत्व होता है-

  • आंखों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी विटामिन ए एवं एंटीऑक्सीडेंट , बीटा कैरोटीन, तत्व होता है।
  • खुबानी में सभी गुण भरपूर मात्रा में होने के कारण आंखों के लिए लाभकारी माना जाता है ।
  • इसमें उपलब्ध विटामिन ए, बीटा कैरोटीन एवं एंटीऑक्सीडेंट ऑप्टिक नसों को मजबूती प्रदान करता है, एवं आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन ए की अच्छी खुराक आंखों की रोशनी को बनाए रखने में सहायक होता है।
  • सुखी खुबानी का सेवन करने से मोतियाबिंन, रतौंधी इत्यादि बीमारियों को ठीक करने में सहायक माना जाता है।

खुबानी का का उपयोग विधि –

यह एक ऐसा फल है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही लाभदायक है लेकिन इसका उपयोग सभी व्यक्तियों का एक समान नहीं हो सकता। इसके उपयोग से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अनजाने में किसी भी वस्तु का उपयोग नुकसानदेह हो सकता है।

  • एप्रीकॉट/खुबानी का कम मात्रा में उपयोग करना ज्यादा उचित होगा।
  • इसे नाश्ते के रूप में सुबह ले सकते हैं।
  • खाने के साथ भी फ्रूट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है ।
  • इसका जूस बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • मुरब्बा या जेली के रूप के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • एक दिन में दो से तीन तीन खुबानी का सेवन उचित माना जाता है, इससे ज्यादा सेवन करना चाहते हैं तो किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें लें लें।
  • इसे खाली पेट सेवन करने से ज्यादा लाभ मिलता है।
Apricot image Khubani fruit Apricot fruit

खुबानी का रखरखाव- Storage of Apricot in hindi –

  • ताजा खुबानी का सेवन करना लाभदायक होता है सुखी खुबानी को भी भी उपयोग कर सकते हैं इसमें कोई ज्यादा फर्क नहीं होता।
  • सुखी खुबानी आसानी से बाजार में उपलब्ध होता है इसलिए इसे सभी मौसम में पाया जा सकता है।
  • सुखी खुबानी को कमरे के तापमान पर आसानी से रखा जा सकता है।
  • यदि आपके पास ताजा खुबानी उपलब्ध है तो इसे धूप में सुखाकर आसानी से ज्यादा दिन तक सेवन कर सकते हैं।
  • सुखी खुबानी को किसी बंद डिब्बे में रखना उचित है जिससे कोई फफूंदी ना लगे।

खुबानी के अत्यधिक सेवन से नुकसान- Khubani ke Nuksan in Hindi –

  • खुबानी का सेवन से कोई गंभीर नुकसान नहीं होता है लेकिन कुछ स्थितियों में इसका परहेज बताया गया है।
  • मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को खुबानी की सेवन से बचना चाहिए सेवन से बचना चाहिए।
  • निम्न रक्तचाप वाले व्यक्ति को खूबानी का सेवन उचित नहीं माना जाता है।
  • खुबानी के बीज में में साइनाइट का अधिक मात्रा पाया जाता है जो बहुत जहरीला होता है।
  • खुबानी के 25 से 30 बीज को एक साथ सेवन करने पर जानलेवा ( मिर्त्यु ) हो सकता है ।
  • इसलिए खुबानी का बीज का सेवन का सेवन का सेवन बीज का सेवन का सेवन करने से बचना चाहिए।

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इस लेख से आपने क्या सीखा –

एप्रीकॉट फ्रूट् से संबंधित इस लेख में आपने बहुत सारी जानकारियां प्राप्त की है, जैसे – एप्रीकॉट फ्रूट क्या है,इसके वैज्ञानिक नाम, यह कहां पाया जाता है, इससे खेती कहां होता है, यह सबसे पहले कहां उगाया गया था, इसके खाने के तरीके एवं इसे खाने से से खाने से से क्या लाभ होता है , इस फ्रूट में पाए जाने वाले पोषक तत्व , किस बीमारी को ठीक करने में सहायक है, इसका रखरखाव, इसके सेवन से होने वाले नुकसान आदि।

आपको यह लेख Apricot in Hindi से जुड़ी जानकारी कैसा लगा नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।आपके द्वारा किया गया कॉमेंट हमे अच्छी लेख लिखने के लिए प्रेरित करता है, और साथ मे ये भी जरुर बताए यदि लेख में कोई त्रुटि हो या सुधार की जरूरत हो तो अवश्य उसके बारे में लिखे जिससे सुधार कर त्रुटिहीन बना सेक।

धन्यवाद…..

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