Benefits of Yoga in Hindi

Benefits of Yoga in Hindi योग के फायदे हैरान हो जायेगें

इस लेख में योग के कुछ ऐसे फायदे ( Benefits of Yoga in Hindi ) के बारे में बताएं गए हैं जिसे जानकर हर कोई हैरान हो जाएगा ।

आजकल के भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास इतना पर्याप्त समय नहीं होता है कि वह शारीरिक मेहनत करें और कुछ लोग तो ऐसे होते हैं की उनके पास समय रहते हुए भी शारीरिक मेहनत नहीं करना चाहते हैं।

यदि आप अपने स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा भी सजग हैं तो आप रोज 30 से 45 मिनट योग करते हैं तो आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। आइए योग के कुछ ऐसे फायदे के बारे में जानते हैं जो हर व्यक्ति को जाना जरूरी है सबसे पहले यह जानते हैं कि योग क्या है।

योग क्या है ? What is Yoga in Hindi / Definition of Yoga in Hindi –

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के योज शब्द से हुआ है। योज का अर्थ होता है जुड़ना या जोड़ना। यानी योग वह क्रिया है जो शरीर , मन और आत्मा को एक सूत्र में जोड़ता है। सरल शब्दों में कहें तो योग करने से शरीर मन और आत्मा एक साथ जुड़ते हैं।

कुछ लोग यह समझते हैं कि शरीर को आगे ,पीछे, आड़ा, तिरछा मोड़ने और सांस को अंदर, बाहर करने को ही योग कहा जाता है। जो बिल्कुल ही गलत है। क्योंकि दुनिया बहुत बड़ी है। योग कोई साधारण कार्य नहीं है। योग से शरीर और मन पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पाया जा सकता है। अलग-अलग ऋषि-मुनियों और ग्रंथों के अनुसार इसके कई परिभाषा दिए गए हैं।

बाबा रामदेव के अनुसार – “मन को इधर-उधर भटकने से रोकना और एक जगह स्थिर रखना ही योग है”

ओशो के अनुसार –  “योग एक विज्ञान है जो जीवन जीने की कला को बताता है। यह कोई धर्म एवं आस्था नहीं है यह एक चिकित्सा पद्धति है। जहां धर्म हमें एक बंधन में बांधा है वही योग सभी तरह के बंधन से मुक्ति का मार्ग है।”

श्री श्री रविशंकर के अनुसार – “योग केवल व्यायाम और आसन नहीं है। यह एक भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्वों को स्पर्श के लिए अध्यात्मिक ऊंचाई है। जो आपके सभी प्रकार के कल्पनाओं से परे एक झलक देता है।”

गीता के अनुसार – “योग: कर्मेंसु कौसलम यानी कर्मों में कौशल/ दक्षता ही योग है।”

पतंजलि योग दर्शन के अनुसार – “योगश्व चित्तवृत्ति  निरोधा यानी मन की वृत्तियों, मन को भटकना पर नियंत्रण करना योग है।”

योग के 10 प्रमुख फायदे – Benefits of Yoga in Hindi –

1.रोग ( बीमारी ) –

योग एक ऐसे क्रिया है जिसे निरंतर करने से सभी प्रकार के साधारण एवं जटिल रोग दूर हो जाता है । जिससे कई असाध्य बीमारी को दूर किया जा सकता है। यहां तक की यदि किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन पर किया जाए तो कैंसर जैसी बीमारी को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।

2. रोग प्रतिरोधकता –

योग को निरंतर और समय अनुसार किया जाए तो कई रोग आपके आसपास भटकते भी नहीं हैं। यानी योग को करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बना रहता है। जिससे आपको कोई बीमारी को लगना नामुमकिन हो जाता है।

3. बलवान –

योग एक ऐसे शारीरिक और मानसिक क्रिया है जिसे करने से शरीर मजबूत एवं शक्तिशाली बनता है। यहां तक कि शरीर ही नहीं बल्कि मन भी मजबूत और दृढ़ बनता है। योग में कई आसान ऐसे हैं जिससे करने से शरीर मजबूत एवं बलवान बनता है। इसे जरूर अपनाए।

4. मोटापा – 

योग के कई आसन है जो मोटापा के दुश्मन माना जाता है। योग के द्वारा मोटापा जैसी घातक बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। योग के निरंतर एवं उचित मार्ग दर्शन पर करने से शरीर की वजन को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

5. स्फूर्ति –

योग को लगातार करने से शरीर की लचीलापन बढ़ता है एवं स्फूर्ति बनी रहती है। बहुत सारी आसन है जिसमें शरीर को इधर-उधर घुमाना आड़ा तिरछा मोड़ना पड़ता है। जिससे शरीर लचीलापन बनता है। योग के करने से शरीर और मन हमेशा ऊर्जावान एवं तरोताजा महसूस करता है।

6. तनाव –

योग में कई ऐसे आसन है जो मानसिक विकार को दूर कर तनावमुक्त बनाता है। मानसिक तनाव को दूर करने का एकमात्र साधन योग है जिससे पूर्ण रूप से तनाव को खत्म किया जा सकता है। ऐसे तो तनाव को दूर करने के कई उपाय हैं लेकिन इतना सफल और कारगर नहीं है। योग के द्वारा आसानी से तनाव जैसी घातक बीमारी पर विजय पाया जा सकता है।

7. एकाग्रता –

योग मन और शरीर को एकाग्र करता है । योग में कई आसन और प्राणायाम बताए गए हैं जिससे निरंतर करने से मन एकाग्र चित्त हो जाता है। जिससे सोचने और समझने की शक्ति बढ़ जाती है। ऐसा कहा गया है कि विद्यार्थी जो अध्ययन करते हैं उसे योग जरूर करना चाहिए।

8. नियंत्रण – 

योग एकमात्र ऐसा मार्ग है जिसके रास्ते पर चलकर मन , शरीर एवं इंद्रियों पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए एक कुशल मार्गदर्शक के देखरेख में बताए गए नियम और क्रियाओं को सख्ती से पालन करना जरूरी है। नहीं तो योग के फायदे (Benefits of Yoga in Hindi) के बदले नुकसान भी हो सकता है।

9. सकारात्मकता –

योग के करने से शरीर और मन को ऐसी ऊर्जा मिलती है जिससे आपकी मन , शरीर में सकारात्मक गुणों की उत्पत्ति होती है। और सभी नकारात्मक गुणों की नाश हो जाती है। जिससे आप किसी भी कठिन परिस्थिति में विचलित नहीं हो सकते हैं।

10. शुद्धि –

ऐसा बताया गया है कि योग कोई धर्म या आस्था से संबंधित नहीं है इससे करने से शरीर और मन पर पूर्ण नियंत्रण हो जाता है। तथा मन शरीर और आत्मा का मिलन हो जाता है। जिसे समझना इतना आसान नहीं है। योग की पूर्ण स्थिति प्राप्त हो जाने से कई अलौकिक गुण एवं शक्तियां प्राप्त हो जाती है। जिससे शरीर पूर्ण रूप से शुद्ध एवं दोष रहित हो जाता है। सभी अवगुण नाश हो जाता है एवं आत्मा को परमात्मा से मिलन हो जाता है।

और पढें – Pet Kam Karne ka Yoga : रामबाण 10 आसन पेट कम करने के

नीचे के लेख में कुछ ऐसे योगासन, प्राणायाम एवं उनके फायदे (Benefits of Yoga in Hindi)के बारे में बताया गया है जिसे अपने दिनचर्या में शामिल कर एक स्वस्थ शरीर को बनाए रखने में रामबाण साबित हो सकता है।

वज्रासन – Wajrasana –

यह बैठकर करने वाला आसन है। यह एकमात्र आसान है जिसे किसी भी समय किया जा सकता है। इसे खाना खाने के तुरंत बाद भी किया जाता है। इसे खाने के तुरंत बाद करने से पाचन शक्ति बढ़ जाती है।

Benefits of Yoga in Hindi

इसे करने के लिए किसी नरम चटाई पर दोनों पैरों को पीछे मोड़ कर बैठ जाएं। अपने नितंब ( चूतड़ ) को दोनों तलवों के ऊपर रखें एवं दोनों हाथों को जंगो से स्पर्श कराकर घुटनों पर रखें। इस स्थिति में 2 से 3 मिनट तक बैठे एवं साधारण स्वशन क्रिय करें।

वज्रासन करने के फायदे – Benefits of Wajrasana in Hindi –

  • शरीर मजबूत होता है।
  • पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • पेट तथा कमर की चर्बी को कम करता है।
  • साइटिका के दर्द में लाभ मिलता है।
  • पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है।

शवासन – Savasana –

यह लेटकर करने वाला आसन है। जैसा कि इसके शब्द से प्रतीत होता है शव यानी मुर्दा । इस आसन में मुर्दे के समान शरीर की आकृति होती है। यह सबसे सरल आसन है लेकिन इसके फायदे अनगिनत है। इसे कोई भी किसी भी उम्र के व्यक्ति कर सकता है।

इस आसन के करने के लिए किसी नरम चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को बगल में रखें , हथेली आसमान की तरफ हो। दोनों पैरों की पंजा अपने सुविधानुसार रखें। आँखे को बंद करें और मन शांत एक किसी निश्चिंत बिंदु पर ध्यान को केंद्रित करें। नॉर्मल बब्रीदिंग करें। इस स्थिति में 2 से 5 मिनट तक रुके। आपके पास समय है तो ज्यादा देर भी कर सकते हैं।

शवासन करने के फायदे – Benefits of Savasana in Hindi –

  • तनाव से मुक्ति मिलता है।
  • मस्तिष्क शांत एवं ऊर्जावान होता है।
  • शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।
  • सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है।
  • शरीर के सभी अंगों को पूण विश्राम देताहै।
  • शरीर एवं मन को ताजगी मिलता है एवं प्रसन्न चित्त हो जाता है।

भुजंगासन – Bhujangasana –

यह लेट कर किया जाने वाला आसन है। जैसा कि इसका नाम से प्रतीत होता है भुजंग यानि नाग ( सर्प ) । जिस तरह नाग का फन होता है उसी प्रकार इस आसन में शरीर की आकृति बनाई जाती है।

Benefits of Yoga in Hindi योग के फायदे हैरान हो जायेगें

इस आसन को करने के लिए किसी नरम चटाई पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को कंधे की समानांतर हथेली को जमीन से सटाकर रखें। सांस लेते हुए कमर के ऊपर के हिस्से को हाथ पर दबाव बनाते हुए ऊपर उठाएं। सिर को गर्दन से मोड़ते हुए पीछे की ओर झुकाए। चेहरा आसमान की तरफ हो। पूर्व स्थिति में आधा से एक मिनट तक रुके। सांस छोड़ते हुए वापस विराम की स्थिति में आएं।

भुजंगासन करने के लाभ – Benefits of Bhujangasana in Hindi –

  • कब्ज दूर होता है।
  • पेट की चर्बी कम होता है।
  • रीड की हड्डी लचीला होता है।
  • पीठ मजबूत होता है।
  • स्लिप डिस्क के मरीज को लाभ मिलता है।
  • मेरुदंड संबंधित विकार दूर होता है।
  • स्त्री रोग निदान में लाभदायक है।

उत्तानपादासन – Utanpadasana –

यह लेट कर किया जाने वाला आसन है। इस आसन को करने के लिए किसी नरम या मुलायम चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को बगल में रखें हथेली जमीन को स्पर्श करता हो। सांस को लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ 60 डिग्री तक उठाएं। इस स्थिति में अपने क्षमता के अनुकूल आधा से एक मिनट तक रुके। सांस छोड़ते हुए वापस मूल स्थिति में आएं।

उत्तानपादासन करने के लाभ – Benefits of Utanpadasana yoga in Hindi –

  • यह आसन को पेट की चर्बी का दुश्मन माना जाता है।
  • इस आसन से मोटापा दूर हो जाता है।
  • खिसकी हुई नाभि सेट हो जाता है।
  • कमर, पेट और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होता है।
  • यह योगासन वायु विकार दूर करता है

पवनमुक्तासन – Pawanmuktasana –

यह लेट कर किया जाने वाला आसन है। इसे करने के लिए किसी नरम चटाई पर पीठ के बल लेट जाएं। हाथों की मदद से दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए सीने से सटाएं। सांस को छोड़ते हुए सिर को उठाएं और नाक को घुटने से स्पर्श कराएं। इस स्थिति में अपनी क्षमता अनुसार कम से कम आधा से एक मिनट तक रुके। सांस लेते हुए मूल अवस्था में वापस आजाएं।

पवनमुक्तासन करने के लाभ – Benefits of Pawanmuktasana yoga in Hindi –

  • पेट की गैस तत्काल बाहर निकलता है।
  • कब्ज के मरीज को रामबाण साबित होगा।
  • अपच, बदहजमी दूर हो जाती है।
  • मस्तिष्क विकार दूर हो जाता है।
  • हृदय विकार में लाभ मिलता है।
  • शरीर लचीला एवं सुडौल बनता है।
  • मेरुदंड लचीला एवं मजबूत होता है।
  • अपान वायु दूर हो जाता है।
  • चेहरा चमकने लगता है।
  • पेट संबंधित सभी दुष्प्रभाव रुक जाता है।

मंडूकासन – Mandukasana –

इस आसन का शाब्दिक अर्थ मंडूक यानी मेंढक होता है। इस आसन को करते समय शरीर की आकृति मेंढक की तरह बनता है।

इसे करने के लिए किसी नरम चटाई पर वज्रासन ( पैर पीछे मुड़कर ) में बैठ जाएं दोनों हाथों की मुट्ठी बनाकर नाभि के बगल में रखें। सास को छोड़ते हुए आगे झुके। चेहरा सामने की ओर होना चाहिए। इस स्थिति में 15 से 20 सेकंड तक रुके। सांस लेते हुए मूल अवस्था में आएं।

मंडूकासन करने के लाभ – Benefits of Mandukasana yoga in Hindi –

  • पाचन तंत्र को ठीक करता है।
  • कब जैसी बीमारी का सर्वनाश हो जाता है।
  • पेट, कमर की चर्बी गायब हो जाता है।
  • बुढ़ापे में कमर झुकने से रोकता है।
  • स्त्रियों के प्रजनन तंत्र में लाभदायक होता है।
  • गर्भवती महिला इस आसान को न करें।

अनुलोम – विलोम प्राणायाम –  Anulom-Vilom Pranayama –

इस प्राणायाम को करने के लिए सुखासन या पद्मासन या सिद्धासन में बैठ जाएं। बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें। दाहिने हाथ के अंगूठे को दाहिना नासिका छिद्र पर एवं अनामिका को बाएं नासिका छिद्र पर रखें। आंखें बंद करें एवं अंगूठे की मदद से दाहिने नासिका छिद्र पर दबाव बनाते हुए नासिका छिद्र को बंद करें। अब बाएं नासिका छिद्र से धीरे-धीरे सांस लें। फिर उसी नाक से सांस छोड़िए जिस नाक से सांस लिया था। ध्यान रहे सांस लेते और छोड़ते समय कोई आवाज नहीं होना चाहिए। इस क्रिया को 10 से 15 बार करें। उसी प्रकार –  दाहिनी नासिका छिद्र से सांस लें और दाहिने से ही छोड़े। इस समय बाएं नासिका द्वार को बंद रखें। इसे भी 10 से 15 बार करें। इस क्रिया को 5 से 10 मिनट तक कर सकते हैं।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने के फायदे – Benefits of Anulom – Vilom Pranayama in Hindi –

  • शारीरिक और मानसिक संतुलन स्थापित होता है।
  • मन शांत एवं प्रसन्न रहता है।
  • मस्तिष्क का क्रियात्मक शक्ति बढ़ती है।
  • माइग्रेन एवं साइनस बीमारी दूर हो जाता है।
  • अस्थमा, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी में नियंत्रण होता है।
  • चर्म रोग दूर होता है।
  • समस्त शरीर के शुद्धिकरण हो जाता है।

कपालभाति प्राणायाम – KapalBhati Pranayama –

कपालभाती का शाब्दिक अर्थ कपाल यानी खोपड़ी और भारती का अर्थ चमक या प्रकाश होता है। अर्थात इस प्राणायाम से माथे या मस्तिष्क में तेज और चमक आता है।

इस प्राणायाम को करने के लिए सुख आसन , पद्मासन या सिद्धासन में बैठ जाएं। अब कमर गर्दन सीधी करें एवं आंखों को सहजता से बंद करें। अब सहज रूप से लंबी सांस भरे एवं तेज गति से सांस को छोड़ें। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। इस क्रिया को बार-बार करें। इसे लगातार पांच से 10 मिनट तक किया जा सकता है।

कपालभाति प्राणायाम के लाभ – Benefits of Kapalbhati yoga in Hindi –

  • शरीर में ताजगी महसूस होता है।
  • ऊर्जा का संचार होता है।
  • मन में शांति एवं प्रसंता आती है।
  • मधुमेह दूर होता है।
  • कब्ज की बीमारी नाश होता है।
  • मोटापा दूर हो जाता है।
  • शरीर के वजन को संतुलन करता है।
  • मस्तिष्क विकार दूर हो जाता है।
  • शरीर के संपूर्ण अंग को स्वस्थ बनाता है।
  • कैंसर जैसी बीमारी में भी लाभदायक है।

इस लेख से अपने क्या सीखा –

अपने इस लेेेख से बहुत सारी जानकारियां पर्याप्त किया जैसे – योग क्या है, योग के प्रमुख लाभ (Benefits of Yoga in Hindi), कुछ योगासनों के लाभ, एवं उसे करने के तरीका, कुछ प्राणायाम के लाभ, एवं उनके करने के तरीका।

आपको यह लेख Benefits of Yoga in Hindi से जुड़ी जानकारी कैसा लगा नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।आपके द्वारा किया गया कॉमेंट हमे अच्छी लेख लिखने के लिए प्रेरित करता है, और साथ मे ये भी जरुर बताए यदि लेख में कोई त्रुटि हो या सुधार की जरूरत हो तो अवश्य उसके बारे में लिखे जिससे हम सुधार कर त्रुटिहीन बना सेक।

धन्यवाद…..

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