Gallbladder Stone in Hindi

Gallbladder Stone in Hindi पित्ताशय की पथरी के लक्षण इलाज

पपित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stone in Hindi) की समस्या का कारण आजकल के खानपान का सबसे बड़ा प्रभाव है।

इस बीमारी पित्ताशय की पथरी गाल स्टोन के होने के कई कोई खास उम्र तो नहीं है लेकिन सबसे ज्यादा यह 40 से 60 वर्ष की उम्र के व्यक्ति को हो होता है।

भारत में लगभग 8% लोग को पित्त की पथरी या किडनी की पथरी होने की समस्या है जो बहुत चिंताजनक स्थिति है।

इस बीमारी का लक्षण शुरुआती दौर में नहीं पता चलता है बहुत सारे ऐसे व्यक्ति हैं। जिनको यह समस्या होते हुए भी किसी मामूली लक्षण को नहीं पहचान पाते हैं जो आगे चलकर ज्यादा कष्टदायक स्थिति में पता चलता है।

क्या आप भी इसके लक्षण और होने के कारण से अनजान हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। क्योकि इससे जुड़े उचित जानकारी को इस लेख में साझा किया गया है जिसे जानकर इस बीमारी से बचा जा सकता है

पित्ताशय की पथरी क्या है? इसे समझने से पहले पित्ताशय से से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी बातों को जानना जरूरी है जिससे आपको यह समझना आसान हो जाएगा कि पित्ताशय की पथरी क्या होता है।

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गॉलब्लैडर को हिंदी में क्या कहते हैं Meaning of gallbladder in hindi-

गॉलब्लैडर को हिंदी में पित्ताशय कहा जाता है।

पित्त रस क्या है?

यह लीवर से प्रस्तावित होने वाला एक द्रव्य है जिसमें कई रसायन होते है जैसे- कोलस्ट्रोल, कैल्शियम बेलीरुबिनेट और कैल्शियम कार्बोनेट होता है।

पित्ताशय क्या है ? what is gallbladder in hindi-

यह शरीर का एक अंग है जो लीवर के ठीक नीचे होता है इसका मुख्य कार्य भर से स्थापित होने वाला द्रव्य पित्त रस को संग्रहित करना है।
इसे पित्त की थैली भी कहा जाता है। पित्ताशय का आकार नाशपाती फल के जैसा दिखता है। यह पित्त प्रणाली का एक हिस्सा हैं।

पित्ताशय प्रणाली क्या है?

जिस प्रणाली के तहत पित्त रस का निर्माण होता है और पूरे शरीर में पित्त को संचारित किया जाता है उसे पीत प्रणाली कहते हैं। इसमें कई अंग शामिल हैं होते हैं जैसे अग्नाशय लीवर पित्ताशय पीच मलिकाएं इत्यादि।

पथरी (स्टोन) क्या है ?

यह शरीर में बनने वाला एक प्रकार का कठोर संरचना है। इसका निर्माण सामान्यत: कैल्शियम या कैलशियम कार्बोनेट को एकत्रित होने से होता है।

इसके बनने के कई कारण होते हैं पथरी शरीर के कई अंगों में हो सकता है जैसे – पित्ताशय में, किडनी

Gallbladder

पित (पित्ताशय) के पथरी क्या है? What is Gallbladder stone in hindi-


यह पित्ताशय में असंतुलित तरल रसायन का एक कठोर रूप है जो पित्ताशय में बनता है । यह मुख्यतः पित्ताशय में कोलेस्ट्रोल और कैल्शियम बिलीरूबिनेट और कैल्शियम कार्बोनेट के स्तर ज्यादा होने के कारण बनता है।

शुरुआती दौर में इसका आकार बहुत छोटा होने के कारण इससे कोई परेशानी नहीं होती है। ज्यादा समय बीतने पर जब इसका आकार ज्यादा बड़ा हो जाता है तो पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना शुरू हो जाता है।

कभी-कभी इसका दर्द इतना ज्यादा असहनीय होता है जिससे व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

पित्ताशय की पथरी के प्रकार – Types of Gallbladder Stone in hindi-

सामान्यतः पित्ताशय में दो प्रकार के पथरी बनते हैं।

  1. कोलेस्ट्रोल गैलस्टोन (Cholesterol Gallstone)
  2. पिगमेंट गैलस्टोन (Pigment Gallstone)

कोलेस्ट्रोल गैलस्टोन क्या है ?

यह पित्ताशय में होने वाले पथरी का सामान्य प्रकार है। ज्यादातर लोगों में यही पाया जाता है।

मुख्य रूप से यह घुलनशील या अपच कोलेस्ट्रोल से बनता जिसके कारण कोलेस्ट्रॉल पित्त पथरी या कोलेस्ट्रॉल गैलस्टोन भी कहा जाता है।

सामान्यतः इस इसका रंग हल्का पीला या हल्दी रंग का होता है। साथ ही इसमें अन्य पदार्थ जैसे कैल्शियम कार्बोनेट इत्यादि भी होते हैं।

पिगमेंट गैलस्टोन क्या है ?

इसका निर्माण लीवर द्वारा बनाया गया बिलीरुबिन द्रव्य की मात्रा अधिक होने से होता है।
इसमें मुख्य रूप से कैल्शियम बिलीरूबिनेट होता है। साथ ही साथ कैलशियम कार्बोनेट की भी उपलब्ध होती है। इसका रंग भूरा या काला भी होता है ।

पित्ताशय में पथरी के लक्षण Gallbladder Stone Symptoms in hindi-

जब पित्ताशय की पथरी का आकार बहुत छोटा रहता है। तब इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है जैसे-जैसे इसका आकार बढ़ता है। तब इसके कुछ साधारण से लक्षण दिखाई देते हैं इसे कई लोग समझ नहीं पाते हैं। आइए कुछ इस के सामान्य लक्षण को जानते है।

  • पीलिया – यह शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसमें शरीर की त्वचा पीला पड़ने लगता है तथा आंखें सफेद या पीलापन लगने लगता है।
  • जी मचलना या उल्टी आना – उल्टी आना लोगों के साधारण सी बात लगता है। लेकिन यह पित्ताशय की पथरी का लक्षण हो सकता है । इस स्थिति में व्यक्ति को किसी काम में मन नहीं लगता है और जी उथल पुथल लगता है। हमेशा उल्टी जैसी महसूस होते रहता है।
  • अपच – यदि आपको खाना पचने में समस्या हो रही हो या पेट सही तरह से साफ नहीं हो रहा हो। तो यह पित्त की पथरी का लक्षण है ।
  • बुखार – बुखार आने का कई कारण होते हैं। लेकिन यह भी पित्त की पथरी होने का भी लक्षण दर्शाता है ।
  • डायरिया – यदि अक्सर डायरिया का शिकायत रहता है तो यह भी पित्ताशय में पथरी का लक्षण है ।
  • पेट में दर्द – जिस व्यक्ति को पित्ताशय में पथरी होता है और इसका आकार बड़ा हो गया हो तो पेट में दर्द अवश्य होता है। यह पित्त का पथरी का मुख्य लक्षण माना जाता है

पित्ताशय में पथरी के कारण होने वाला दर्द –

  1. यह दर्द सामान्यतः पेट के ऊपरी हिस्से में होता है।
  2. इसके दर्द पेट के दाहिने हिस्से से लगायत कंधों तक हो सकता है।
  3. दर्द लगातार 1 घंटे से लेकर 5 घंटे तक रह सकता है।
  4. दर्द में अंतराल भी हो सकता है। कभी-कभी इसका अंतराल एक दिन 1 सप्ताह एक महीना या एक साल भी हो सकता है।
  5. आमतौर पर दर्द साधारण या स्थिर होता है। कोई कोई व्यक्ति का दर्द इतना गंभीर होता है जिससे सहन कर पाना मुश्किल हो जाता है।
  6. कुछ व्यक्ति तेज दर्द के कारण इधर-उधर करवटें बदलते हैं या शांत स्थिर हो जाते हैं।
  7. ज्यादा तेज दर्द के कारण बेहोश भी होने का खतरा रहता है।
Gallbladder stone pain

पित्ताशय की पथरी के कारण – Cause of Gallbladder Stone in hindi-

  • भोजन – पित्ताशय में पथरी होने के कारण भोजन के प्रकार पर भी निर्भर करता है। यदि आप ज्यादा वसा युक्त भोजन खाते हैं तो पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

खाने में मसाले का उपयोग ज्यादा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है यह तो लगभग सभी जानते हैं। लेकिन ज्यादा मसालेदार खाने से भी पित्त की पथरी हो सकती है।

फास्ट फूड, जंक फूड या पैक्ड फूड खाते हैं तो उससे भी पित्त की पथरी होने की संभावना बना रहता है।

  • ज्यादा उम्र – उम्र बढ़ने से कई बीमारियों का दसतक बढ़ जाता है। लेकिन ज्यादातर पित्ताशय के पथरी के मामले 40 से 60 वर्ष के व्यक्ति में देखा गया है ।
  • जेनेटिक – ऐसा देखा गया है कि यदि जिस परिवार में किसी व्यक्ति जैसे- दादा-दादी , माता-पिता किसी को पहले पित्ताशय की पथरी हुआ हो तो उस व्यक्ति की भी यह बीमारी होने की संभावना बना रहता है।
  • मुख्य कारण –
  1. यदि किसी व्यक्ति का पिता से पूर्ण रूप से खाली नहीं हो पाता है, तो बचे हुए पित्त रस सकेंद्रित होकर पत्थर का रूप ले सकता है।
  2. जिस व्यक्ति के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का निर्माण आवश्यकता से अधिक हो रहा हो और पित्त रस उसे पूर्ण रूप से नहीं घोल पा रहा हो तो उस स्थिति में बचे हुए कोलेस्ट्रॉल पथरी बन जाता है।
  • अन्य कारण-
  1. गर्भनिरोधक गोली का सेवन
  2. गर्भावस्था होना
  3. कम समय में ज्यादा तेजी से वजन घटाना
  4. अनुवांशिकता
  5. ज्यादा फैट वाला भोजन करना
  6. डेयरी उत्पाद का ज्यादा उपयोग करना
  7. डायबिटीज का शिकायत
  8. कोलस्ट्रोल लेवल बढ़ना
  9. उम्र बढ़ना या बुढापा

पित्ताशय की पथरी के जोखिम – Side Effects of Gallbladder Stone in hindi-

चाहे कोई भी बीमारी हो उसे छोटा समझना बहुत बड़ी बेवकूफी होता है। साधारण सी बीमारी भी ज्यादा समय तक रहने से विकराल रूप ले सकता है। ठीक उसी प्रकार पित्ताशय का पथरी से भी शुरुआती दौर में कोई जोखिम नहीं होता है। लेकिन ज्यादा दिनों तक रहने से इसका आकार बड़ा हो जाता है और फिर कई बड़ी बीमारी का कारण बन जाता हैं।

  • पित्ताशय संक्रमण – यदि समय रहते पित्ताशय की पथरी का इलाज नहीं हुआ तो बाद में पित्ताशय में संक्रमण (इंफेक्शन) होने का खतरा बन जाता है।
  • पीलिया – पित्ताशय में पथरी होने से पीलिया होने का जोखिम बढ़ जाता है। इस स्थिति में त्वचा पीला हो जाता है और आँखों का रंग सफेद या तो पीला हो जाता है।
  • कैंसर – पित्ताशय की पथरी का इलाज ज्यादा देर से होने पर इसके संक्रमण होना तथा पित्ताशय का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकता है।
  • बुखार – पथरी की समस्या वाले व्यक्ति को बुखार तथा उच्च तापमान जैसी परेशानी आम हो जाता है।
  • रक्त संक्रमण – जिस व्यक्ति को पथरी की समस्या है और वह ज्यादा दिन तक इस से जूझ रहा हो तो इस स्थिति में रक्त संक्रमण जैसी बीमारी भी हो सकता है।
  • इससे बचने के लिए जितना जल्दी हो डॉक्टर से संपर्क करना उचित होगा।
  • पित्ताशय की पथरी के कारण पित्ताशय नलिका अवरूध या बंद हो सकता है।
  • इसके संक्रमण बढ़ने से अग्नाशय, लीवर, पित्ताशय के दीवार, आदि को भी नुकसान पहुंच सकता है।

पित्ताशय की पथरी से बचने के उपाय Gallbladder Stone Precautions in hindi-

  • संतुलित आहार – खाने में फल, हरी सब्जी, पत्तेदार सब्जी, फाइबर युक्त आहार का उपयोग ज्यादा करें। ज्यादा बशा या फैट वाले भोजन खाने से बच्चे।
  • नियमित भोजन करें – उपवास करने से भी पित्ताशय की पथरी की जोखिम हो सकता है।
  • व्यायाम – नियमित रूप से व्यायाम एवं योग करते रहे।
  • वजन – शरीर का वजन को संतुलन बनाकर रखें। यदि कोई व्यक्ति वजन कम करना चाहता है तो धीरे-धीरे घटाएं एकाएक वजन घटाने से पित्त की पथरी का समस्या हो सकता है।
  • शाकाहारी एवम सुपाच्य भोजन करें ज्यादा उचित होगा।

और पढ़ें – High Blood Pressure in Hindi हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण, कारण, उपचार, घरेलू नुस्खे

कैसे पता लगाएं कि पित्ताशय में पथरी है या नहीं –

किसी व्यक्ति के पित्ताशय में पथरी है या नहीं पता लगाने के कई तरीके हो सकते हैं। लेकिन नीचे कुछ आम तरीके को बताया गया है जिसके द्वारा आसानी से पता लगाया जा सकता है।

  • लक्षण – ऊपर के लेख में इसके बारे में बात कर चुके हैं, कि पित्ताशय में पथरी होने के लक्षण क्या हो सकता है ।
  • विशेषज्ञ – पित्ताशय की पथरी के पता लगाने के लिए किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर की मदद लिया जाना चाहिए।

इसे डॉक्टर अपनी तरफ से शरीर को छूकर, दवा कर या मरीज से कुछ बातों को पूछ कर पता लगाने का कोशिश करता है। यहां तक कि कई टेस्ट (जांच) की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ सकता है।

  • आधुनिक मशीन – यह पित्ताशय की पथरी को पता लगाने के सबसे आसान और विश्वसनीय तरीका है।

जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि पथरी का आकार कितना है, किस स्थान पर है, तथा इससे कोई अन्य नुकसान तो नहीं हो रहा है।

पित्ताशय के पथरी को पता लगाने के कई आधुनिक मसिने है जैसे –

  • अल्ट्रासाउंड टेस्ट – इस टेस्ट के द्वारा शरीर के अंदर के अंगो का तस्वीर लिया जाता है। जिससे पता लग सके कि पथरी का आकार कितना है और किस स्थिति में है।

इस आकृति को लेने के लिए एक खास किस्म की ध्वनि तरंग का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे अल्ट्रासाउंड कहते हैं ।

  • सीटी स्कैन – इस जांच के द्वारा भी शरीर के आंतरिक अंगों का तस्वीर लिया जाता है। जिससे साफ साफ पता लगाया जा सकता है कि पथरी है या नहीं। यह अल्ट्रासाउंड टेस्ट से थोड़ा महंगा होता है ।
  • एम आर आई टेस्ट – इस जांच के द्वारा भी शरीर के आंतरिक अंगों की तस्वीर प्राप्त किया जाता है। जिससे पथरी का पता लगाना आसान हो जाता है। जरूरत पड़ने पर अग्नाशय, पित्ताशय, पित्त नलिका आदि अंगों का भी तस्वीर लिया जा सकता है ।
  • एंडोस्कोपिक जांच – इस जांच के लिए एक आधुनिक उपकरण की सहायता से शरीर के अंदर के अंगों को आसानी से देखा जा सकता है । यह एक छोटे पतले लचीलेदार कैमरा होता है। जिसे मुंह के द्वारा पेट में डाला जाता है। इस जांच में छोटी-छोटी पथरी को भी आसानी से पता लगाया जा सकता है।

पित्ताशय की पथरी के इलाज- Stone in Gallbladder Treatment in Hindi –

अभी तक पित्ताशय की पथरी का इलाज के लिए कोई स्थाई या पूर्ण रूप से ठीक करने के लिए सटीक तरीका नहीं बताया गया है। लेकिन कुछ ऐसे इलाज हैं जिसके मदद से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। जिसे डॉक्टरों के द्वारा इलाज के लिए अपनाया जाता है।

  • दवाई के द्वारा – यह प्रक्रिया में किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर के द्वारा निर्देशित कुछ निश्चित दवाइयों का सेवन किया जाता है। जिससे इसके लक्षण या इससे उत्पन्न परेशानी को दूर किया जा सके।

यह उपचार शुरुआती दौर में किया जाए तो सफल होने के चांस बढ़ जाता है। इसके लिए बताए गए दवाई को 15 दिन या उससे ज्यादा दिनों तक उपयोग किया जाता है।

कभी-कभी इस दवाई का सेवन 1 महीने से लेकर 3 महीने तक करना पड़ सकता है। यह पित्ताशय के पथरी का इलाज का एक आसान और सरल तरीका माना जाता है।

  • सर्जरी के द्वारा – इसके लिए किसी विशेष प्रशिक्षित डॉक्टर की जरूरत होती है। यह इलाज अस्पतालों में ही किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में मरीज के पेट में चीरा लगाया जाता है या छोटी छेद किया जाता है। जिससे कई आधुनिक उपकरण की सहायता से पथरी को बाहर निकाला जा सकता है।

कभी-कभी बीमारी ज्यादा बढ़ जाने की स्थिति में पित्ताशय को भी बाहर निकाल दिया जाता है।

यह इलाज सभी मरीजों को नहीं किया जा सकता है। इससे पहले उसकी सेहत का पूर्ण जांच किया जाता है कि यह मरीज सर्जरी के लिए सक्षम है या नहीं।

पित्ताशय की पथरी को निकालने के लिए कई प्रकार के सर्जरी किए जाते हैं जैसे –

ओपन सर्जरी – इस सर्जरी में मरीज के पेट में 3 से 6 इंच तक का चीरा लगाया जाता है जिससे पित्ताशय या पित्ताशय की पथरी को निकाला जा सके।

यह सर्जरी किसी हॉस्पिटल में एक अनुभवी सर्जन के द्वारा ही किया जा सकता है।

सर्जरी तभी किया जाता है जब कोई साधारण इलाज या सर्जरी से पथरी की समस्या को दूर नहीं किया जा सकता है। या तो पित्ताशय के संक्रमण की स्थिति में इस प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है।

लेप्रोस्कोपिक रिमूवल सर्जरी – यह सर्जरी पित्ताशय की पथरी को निकालने के लिए सबसे लोकप्रिय तरीका मन जाता है। ज्यादातर डॉक्टर इसी तरीकों को प्राथमिकता देते हैं।

इस सर्जरी में व्यक्ति के शरीर में एक छोटा सा चीरा लगाकर लेप्रोस्कोपीक कोलेसिस्टेकटामी नामक उपकरण के द्वारा पित्ताशय की पथरी या पित्ताशय को बाहर निकाला जाता है।

यह ओपन सर्जरी के मुकाबले आसान हैं। और कम समय में किया जा सकता है। तथा मरीज के घाव जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसे करने के लिए किसी अस्पताल में एक सर्जन की जरूरत होती है। जो लगभग 20 से 30 मिनट में किया जा सकता है।

  • आयुर्वेदिक या घरेलू नुस्खे (gallbladder stone ayurvedic treatment in hindi) – पित्ताशय की पथरी के इलाज का यह सबसे पुराना और सस्ता इलाज है। यह इलाज में सभी इलाज के मुकाबले कई गुना कम खर्च आते हैं तथा इसे आसानी से किसी विशेषज्ञ की मार्गदर्शन पर घर में किया जा सकता है। यह सबसे सरल और आसान तरीका है इसे किसी भी व्यक्ति अपना सकता है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि इसका इलाज शुरुआती लक्षण से ही किया जाए तो सबसे बेहतर होता है ।

नीचे के लेख में कुछ घरेलू नुस्खे बताए गए हैं जो पित्ताशय की पथरी को निकालने के लिए रामबाण माना जाता है-

पित्ताशय की पथरी के लिए घरेलू नुस्खे Home Remedies for Gallbladder Stone in hindi-

1. गुड़हल का पाउडर – ( Hibiscus Flower powder for gallbladder stone in hindi)- यह एक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खा है जो पित्ताशय या किडनी के पथरी को गलाने का रामबाण इलाज माना जाता है। इसे अलग अलग जगहों पर अलग अलग नामो से भी जान जाता है जैसे – अड़हुल , जवाकुसुम , गुड़हल

इस्तेमाल कैसे करें

  • एक चम्मच गुड़हल का पाउडर ले।
  • आधा या एक गिलास गर्म पानी के साथ इसे घोलकर पियें।
  • इसे रात में खाना खाने के एक या डेढ़ घंटा बाद ले ।
  • यदि आपके पास इसका ताजा फुल उपलब्ध है तो इसे भी इस्तेमाल कर सकते है।
  • शुरू के 1 या 2 दिन पेट में दर्द हो सकता है यह दर्द पथरी के टूटने के कारण होता है।

यह पाउडर पंसारी की दुकान पर आसानी से उपलब्ध होता है चाहे तो इसे ऑनलाइन किसी भी पोर्टल जैसे- Amazon या Flipkart इत्यादि से मंगवा सकते हैं।

ऑनलाइन में इसे Hibiscus Powder या Organic Hibiscus Powder के नाम से सर्च करें।

2. कुर्थी या कुल्थी दाल ( Kulthi dal for gallbladder stone in hindi ) – रोजाना कुर्थी का दाल को भोजन में शामिल करने से पित्ताशय या किडनी के पथरी को घोला जा सकता है।
इसका सेवन आप सुबह नाश्ता के रूप में रात का भींगा हुआ कुर्थी को कर सकते है। इसके कई पकवान बनाये जाते है उसमें भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. पथरचटा का पता (patharchatta for gallbladder stone in hindi) -इसके उपयोग से भी पित्ताशय या किडनी के पथरी को आसानी से पिघलाया जा सकता है।
पथरचटा के एक या दो पतो को रोजाना सुबह खाली पेट मे चवाकर खाये ।
15 से 20 दिन लगातार इसका सेवन करने से पथरी गयाब हो जाता है।

पित्ताशय के पथरी वाले मरीज को क्या नही खाना चाहिए-

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ है जो किसी किसी बीमारी के होने पर उसे खाना नही चाहिए। उसी प्रकार कुछ खाध सामग्री ऐसे है जो पित्ताशय के पथरी के मरीज को नही खाना चाहिए जैसे – टमाटर, पालक , चुकंदर , भिंडी इत्यादि-

इस लेख से आपने क्या सीखा –

आपने इस लेख से बहुत सारी जानकारी प्रप्त किया जैसे- पित्ताशय की पथरी क्या है, पित्त रस क्या है, पित्ताशय क्या है, पथरी (स्टोन) क्या है, पित्ताशय की पथरी के प्रकार, कोलेस्ट्रोल गैलस्टोन क्या है , पिगमेंट गैलस्टोन क्या है, पित्ताशय में पथरी के लक्षण, पित्ताशय की पथरी के कारण, पित्ताशय की पथरी के जोखिम, पित्ताशय की पथरी से बचने के उपाय , पित्ताशय की पथरी के इलाज, पित्ताशय के पथरी को पता लगाने के तरीके, पित्ताशय की पथरी के लिए घरेलू नुस्खे, पित्ताशय के पथरी वाले मरीज को क्या नही खाना चाहिए।

आपको यह लेख Gallbladder Stone in Hindi से जुड़ी जानकारी कैसा लगा नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।आपके द्वारा किया गया सकारात्मक कमेंट हमें अच्छी लेख लिखने के लिए प्रेरित करता है, और साथ मे ये भी जरुर बताए यदि लेख में कोई त्रुटि हो या सुधार की जरूरत हो तो अवश्य उसके बारे में लिखे जिससे हम सुधार कर त्रुटिहीन बना सेक।

धन्यवाद…..

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हेल्थ इन हिन्दी डॉट नेट पर दी गयी सभी पोस्ट केवल ज्ञान अर्जन या जानकारी देने के उद्देश्य से लिखी गयी हैं। किसी भी घरेलु नुस्खे या अन्य सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले किसी चिकित्सक या उससे सम्बंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।