गार्भ निरोधक- टेबलेट का नाम garbh nirodhak tablet

गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम और इससे जुड़ी जरुरी बातें जान लो नही तो

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गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम और उससे जुड़ी जरुरी बातें जानना अति महत्वपूर्ण पहलू है

गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम तथा इसके सेवन से संबंधित सभी जानकारी इस लेख में उपलब्ध किया गया है जो हर वो महिला को जानना जरुरी है जो अपने वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनना चाहती है।

garbh nirodhak tablet गर्भ निरोधक गोली का नाम

आज कल सभी महिलाएं जागरूक होते जा रहे हैं। और अपने पारिवारिक जीवन को आसान बनाने के लिए कई उपाय करती हैं। जिसमे एक है फैमली प्लांनिग।
सभी महिलाएं यहीं चाहते है कि हमारे दो बच्चों में ज्यादा से ज्यादा अंतराल हो जिससे उसके देख भाल में आसानी हो ओर उस स्थिति में ज्यादा तर महिलाएं अनचाहे गर्भ धारण को रोकने के लिए कई उपाय करते है।
लेकिन उनमे सबसे आसान और सफल तरीका है गर्भ निरोधक टेबलेट का उपयोग। गर्भ निरोधक टेबलेट खाने से अनचाहे गर्भ को हद तक रोका जा सकता है। लेकिन इसके सेवन से पहले कुछ जरूरी बातें भी है जिसे जाने बिना किसी भी गोली का सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है। तो चलिए आपको इन बातों से अवगत करते हैं। इसे लेख को अंत तक जरूर पढ़ें क्योकि अधूरी ज्ञान खतरनाक होता है। ( गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम)

गर्भ निरोधक गोली क्या है? Garbh Nirodhak goli kya hai / Garbh nirodhak tablet kya hai ?

यह एक प्रयोगशाला में तैयार किया गया दो हार्मोन प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजेन से मिलकर बनाये गए दवाई है जिसमें प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की जगह एक कृत्रिम हार्मोन का इस्तेमाल किया जाता है जिसका नाम प्रोजेस्टिन है। so

गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम एवं प्रकार –
Garbh nirodhak tablet name and types


यह चार प्रकार के होता है-

  1. प्रोजेस्टिन ओनली गोली या मिनी गोली
  2. कॉम्बिनेशन गोली
  3. एमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव गोली
  4. सेंट्रोक्रोमन ( ओरमेलोक्सीगईन ) गोली

प्रोजेस्टिन ओनली गोली या मिनी गोली – 

इस गर्भनिरोधक टेबलेट में केबल प्रोजेस्टिन नामक कृत्रिम हार्मोन रहता है। इसका कार्य है अंडाशय से अंडे को निकलने में निकलने में को निकलने में में बाधा उत्पन्न करना। तथा गर्भाशय के दिल्ली में बदलाव लाना। क्योंकि गर्भाशय झिल्ली से अंडे को जोड़ने पर भ्रूण का उत्पत्ति होता है। और यह गोलियां इससे जुड़ने में बाधा उत्पन्न करती है। गर्भाशय झिल्ली को चिकित्सा शैली में एंड्रोमेट्रियम कहा जाता है।

कॉम्बिनेशन गोली –

कॉन्बिनेशन पिल्स में दो प्रकार के प्रकार के में दो प्रकार के हार्मोन प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजन विद्वान होता है। इसका इस्तेमाल अलग-अलग गोलियों में अलग मात्रा में होती है। जो दर्शाता है कि यह गोली का सेवन कितने दिनों के अंतराल में बदल जाएगा कॉन्बिनेशन इन पांच पांच प्रकार के होते हैं।

कॉम्बिनेशन टेबलेट पांच प्रकार के होते हैं –( गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम से पहले इसके प्रकार जानना जरूरी है )

  1. मोनो फिजिक गोली
  2. बाई फिजिक गोली
  3. ट्राई फिजिक गोली
  4. फोर फिजिक गोली
  5. लगातार खाई जाने वाली गोली

मोनो फेजिक गोली –  यह गोली लगातार 28 दिन तक एक निश्चित समय पर समान मात्रा में लेना होता है। इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन दोनों हार्मोन का एक निश्चित मात्रा में उपस्थिति होता है।

बाई फेजिक गोली  –  इसमें दो तरह की गोलियां खाई जाती है है। इसमें प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजन दोनों हार्मोन होते हैं। लेकिन इसकी मात्रा बदल जाती है। एस्ट्रोजन का स्तर पहला दिन से से 28 वां दिन तक एक समान रहता है लेकिन प्रोजेस्टिन का अस्तर अस्तर 14वां दिन से बदलने लगता है।

ट्राई फेजिक गोली –  इसमें तीन तरह की गोली खानी पड़ती है। जिसे 3 सप्ताह तक अलग-अलग टेबलेट को हर एक सप्ताह में बदलना पड़ता है। इसका मतलब यह है कि तीनों सप्ताह में तीन तरह की गोलियां खानी पड़ती है। और चौथा सप्ताह में कोई गोली नहीं खानी पड़ती है।

फोर फिजिक्स गोली –  इसमें 4 तरह की गोली खानी पड़ती है। चारों सप्ताह चार प्रकार की गोली खानी पढ़ती है यानी 28 दिन में चार प्रकार की गोली का इस्तेमाल होता है।

लगातार खाई जाने वाली गोली – इसमें एक ही तरह के गोली को लगातार खाया जाता है। जब तक आप गर्भधारण करना नहीं चाहते हैं इसमें दोनों हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन का बैलेंस बनाकर रखा जाता है। जिसमें की गर्भधारण की संभावना न हो।

एमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव गोली –

इसे आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली भी कहा जाता है। क्योंकि इसका उपयोग वैसे समय में किया जाता है जब आपने बिना प्रोटेक्शन के यौन संबंध बना चुके हो। और उसके बाद गोली का उपयोग कर गर्भ धारण से बचना चाहते हैं। इस गोली में सिर्फ प्रोजेस्टिन हार्मोन होता है या तो प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजन दोनों होता है। यह गोली केवल एक बार गर्भधारण से बचा सकता है बार-बार नहीं। इसलिए इसका उपयोग रेगुलर नहीं किया जाता है।  इस गोली का उपयोग आप निम्नलिखित स्थिति में कर सकते हैं।जैसे-

  • बिना कंडोम के आपने यौन संबंध संबंध बना लिया हो।
  • यौन संबंध बनाते समय कोई भी गर्भनिरोधक उपाय नहीं अपनाया हो।
  • गर्भ निरोधक गोलियां खाना भूल गई हो।
  • सेक्स करते समय कंडोम फट गया हो।
  • योनि में वीर्य चला गया हो चाहे यह कोई भी कारण से।

सेंट्रोक्रोमन ( ओरमेलोक्सीगईन ) गोली –

इसे एंटी स्टेरॉयड स्टेरॉयड गोली भी कहा जाता है। इसका मुख्य कार्य है अंडाशय से अंडे को निकालने से रोकना यानि। यह गोली यानि। यह गोली। यह गोली एस्ट्रोजन हार्मोन को प्रभावित करता है। इसका उपयोग सप्ताह में एक बार 30 एमजी एमजी का एक गोली लेनी होती है।

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आजकल कई दवा कंपनी गर्भनिरोधक टेबलेट बना रही है, और बाजार में आसानी से उपलब्ध है। लेकिन यह ध्यान देना जरूरी है कि बिना डॉक्टर से सलाह लिए किसी भी गोली का सेवन करना उचित नहीं है। इन गोलियों के सेवन से पहले डॉक्टर से जरूर मिले और डॉक्टर द्वारा बताएं गए गोली का ही सेवन करें। आपको जानकारी मात्र के लिए कुछ गोलियों के नाम बता रहे हैं, जिसे सरकार भी उपलब्ध कराती है।
इनके नाम इस प्रकार हैं –

  1. माला एन गर्भनिरोधक टेबलेट
  2. छाया नॉन स्टिरॉयडल गर्भनिरोधक टेबलेट
  3. कॉम्बीनेशन टेबलेट
  4. सेन्ट्रोक्रोमन ( ओरमेलोक्सीफेन ) टेबलेट
  5. आपातकालीन गर्भनिरोधक टेबलेट
  6. इजी पील आपातकालीन गर्भनिरोधक टेबलेट

बाजार में ये गोलियां मेडिकल स्टोर पर इस नाम से उप्लब्ध होते है।

  1. Saheli (Oral Contraceptive pill)
  2. i-pill
  3. Unwanted-72 ( Levonorgestrel Tablets BP)
  4. Mala-n (माला एन)

गर्भनिरोधक टेबलेट का नाम के साथ ये भी जाने की यह कैसे काम करती है

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि गर्भधारण होता कैसे है? सरल भाषा में कहें तो सेक्स के दौरान स्त्री के शरीर में पाए जाने वाले अंडाशय से अंडे बाहर निकलते हैं और गर्भाशय में पहुंचता है साथ ही पुरुष के लिंग से निकला हुआ शुक्राणु गर्भाशय में पहुंचता है वहीं पर अंडे और शुक्राणु के मेल से भ्रूण की उत्पत्ति होती है जिसे गर्भधारण कहा जाता है।

गर्भनिरोधक गोली का मुख्य काम यही है कि अंडाशय से अंडे को बाहर आने से रोकना। अंडाशय से अंडे को बाहर आने में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन नामक दो हार्मोन का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गर्भनिरोधक गोलियां यह दोनों हार्मोन के बैलेंस को बिगाड़ देता है, जिससे अंडे अंडाशय से बाहर नहीं निकल पाता है। तथा दूसरी पहलू यह भी है कि गर्भाशय ग्रीवा के चारों ओर पाए जाने वाले म्यूकस को गर्भनिरोधक गोलियां गाढ़ा कर देता है। जिससे शुक्राणु गर्भाशय के अंदर नही पहुंच पाता और शुक्राणु से मेल नहीं होता है। जिसके फलस्वरूप गर्भधारण नहीं हो पाता है। म्यूकस एक प्रकार का तरल पदार्थ होता है।


garbh nirodhak tablet ka naam गर्भ निरोधक गोली का नाम

गर्भ निरोधक टेबलेट का नाम तो आपने जान लिया लेकिन खाने से पहले इन बातों के ध्यान जरूर रखें –

  • अगर आप गर्भनिरोधक गोली खाना चाहते हैं तो उससे पहले किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
  • किसी भी दवा दुकान से गोली स्वयं न खरीदें।
  • किसी विश्वशनीय डॉक्टर के द्वारा लिखे दवाई का ही इस्तेमाल करें।
  • अपने इच्छा के अनुसार दवाई को न बदलें।
  • जिस कंपनी या ब्राण्ड की गोली आपको सूट करता हो उसी को लें।
  • ओवर डोज का इस्तेमाल न करें।
  • गोली खाने से पहले उसके लाभ और हानि अवश्य जानें।
  • गोली खाने के बाद कुछ भी समस्या या परेशानी होती हो तो बेहिचक अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

गार्भ निरोधक टेबलेट खाने के तरीके –

इस गोली के सेवन से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है । तभी इसका पूर्ण लाभ मिल पाता है नही तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है।
नीचे के कुछ खास बिंदुओं को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।

  • गर्भ निरोधक टेबलेट का सेवन मासिक धर्म आने से पहले स्व करे या तो मासिक धर्म MC आने के ठीक दूसरे दिन से ही करें।
  • गोली खाने का एक निश्चित समय चुने और रोज उसी समय पर गोली खाएं।
  • गोली खाने का अंतराल 24 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए, नही तो इसका प्रभाव कम हो जाता है।
  • इस गोली का सेवन मासिक धर्म से लगातार तीन सप्ताह तक करें।
  • उसके बाद एक सप्ताह का अंतराल लें।
  • फिर से तीन सप्ताह तक लगातार इसका सेवन करें।
  • यदि एक दिन भी इस गोली का सेवन करना भूल जाते है तो इसका असर कम हो जाता है।
  • जिससे गर्भ धारण की चांस बढ़ जाती है। यह भूल बिलकुल न करें।
  • अगर गोली खाने के तुरंत बाद उल्टी हो गई तो समझे कि दवाई का असर नहीं है और उसके बदले एक और गोली जरूर खाएं।
  • इन गोलियों के सेवन से एक या दो साल तक गर्भ धारण को रोक सकते हैं।

गर्भनिरोधक गोली खाने के फायदे –

  • इसे सेवन करना बहुत सरल है।
  • इस गोली के सेवन से अनचाहे गर्भ धारण से बच सकते हैं।
  • दो बच्चों के बीच के अंतराल को आसानी से बढाया जा सकता है।
  • सभी गर्भ निरोधक उपाय या इलाज के तुलना में गर्भ निरोधक गोली का सेवन करना आसान और सरल है।
  • इसके सेवन से 99%तक अनचाहे गर्भ धारण को रोकना सफल साबित हुआ है। यह एक WHO का रिपोर्ट है।
  • आप जब चाहे गोली खाना बंद करके आसानी से गर्भ धारण कर सकते हैं।
  • गर्भ निरोधक गोली खाने से मासिक धर्म नियमित समय पर आते रहता है।
  • जो महिला PCOS से ग्रसित रहता है उसे डॉक्टर भी गर्भ निरोधक गोली का सेवन करने का सलाह देता है।
  • आप जब चाहे बेहिचक कभी भी सेक्स का आनंद ले सकते हैं। so

गर्भनिरोधक गोली खाने के नुकसान –

  • समान्यतः गर्भ निरोधक गोलियां खाने से कोई गम्भीर नुकसान नही होता है।
  • सभी महिलाओं को यह गोली सूट नही करता है। किसी किसी को नुकसान भी पहुचाता है।
  • कुछ महिलाओं को उल्टी आना, चकर आना, जी मचलना , सिर में दर्द , स्तनों में सूजन या दर्द जैसे परेशानी देखा गया है। लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए।
  • इन परेशानियों का असर लंबे समय तक रहे तो नजदीकी डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।
  • इसका एक खुराक आप गलती से नही ले पाते हैं तो गर्भ धारण के चांस बढ़ सकता है।
  • योनि में किसी प्रकार की खुजली जलन या लालिमा जैसे कुछ लक्षण दिख सकता है।
  • मासिक धर्म में रक्तस्त्राव ज्यादा या कम हो सकता है।
  • भूख लगना कम या ज्यादा हो सकता है।
  • चेहरे पर मुंहासे या शरीर पर धब्बा हो सकता है।
  • पाचन संबंधी समस्या हो सकती है
  • शरीर का वजन बढ़ या घट सकता है।
  • योनि से सफेद तरल पदार्थ का स्त्राव हो सकता है।

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गर्भनिरोधक टेबलेट किन महिलाओं को नही खाना चाहिए

  • जिन महिलाओं को मोटापा की बीमारी है उससे गर्भनिरोधक गोली का असर कम होता है इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • जिस महिला को स्तन कैंसर है उसे इस गोली का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको दिल की बीमारी है तो गर्भनिरोधक गोलियां का सेवन नहीं करें।
  • लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी है तो आप इन गोलियों का इस्तेमाल ना करें।
  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) है तो गोली का सेवन से पहले किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • किसी यौन संबंधित बीमारी है तो गर्भ निरोधक गोलियां का सेवन करने से पहले किसी महिला डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।
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डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें –

  1. यदि असहनीय सिर दर्द हो रहा हो।
  2. दो बार से ज्यादा उल्टी हो गया हो।
  3. चक्कर के साथ साथ बेहोशी आ रही हो
  4. कमजोरी के साथ चक्कर आ रहा हो।
  5. हाथ पैर सुन हो गया हो।
  6. शरीर में थरथराहट या झुनझुनी हो रहा हो।
  7. सांस लेने में तकलीफ हो रहा हो।
  8. छाती में दर्द के साथ खांसी हो रहा हो।
  9. पेट में तेज दर्द या जलन हो रहा हो।
  10. कुछ दिखाई ना दे रहा हो या धुंधला दिख रहा हो।
  11. मूत्र का रंग पीला होने लगा हो।
  12. अवसाद जैसी कोई लक्षण दिखे।
  13. रक्तचाप उच्च हो गया हो।
  14. ज्यादा रक्तस्त्राव हो रहा हो।
  15. मासिक धर्म में रक्त स्त्राव 7 दिन से ज्यादा हो रहा हो।
  16. स्तनों में सूजन या तेज दर्द हो रहा हो।

FAQ’s

क्या गर्भ निरोधक गोली रात में ले सकते है?

हाँ, गर्भ निरोधक गोली रात में ले सकते हैं।

गार्भ निरोधक गोली कब लेना चाहिए?

गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन निश्चित समय से किया जाय तो इसका लाभ जरूर मिलता है। गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन मासिक धर्म के पहले से ही करें या मासिक धर्म के अगले दिन से ही सुरु करें तभी इसका निश्चित लाभ होगा।

आज आपने इस लेख से क्या सीखा –

इस लेख में आपने बहुत सारी जानकारियां इकट्ठा किया। जैसे- गर्भनिरोधक गोली क्या है? यह कैसे काम करती है, इसका नुकसान और फायदा, यह गोली खाने से पहले किन किन बातों को ध्यान रखना चाहिए। तथा इसका सेवन कैसे करें, गोली लेने के बाद कोई भी परेशानी होती है तो क्या करना चाहिए। गर्भनिरोधक गोली का नाम तथा इस गोली को किन महिलाओं को नहीं लेना चाहिए और यह गोली कैसे काम करती है? so

गर्भनिरोधक टेबलेट का नाम से संबंधित इस लेख में बहुत सारे जानकारियां आपने इकट्ठा किया हमें विश्वास है कि आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। यदि आपको इस जानकारी से थोड़ा भी लाभ मिल पाया हो तो हमें कमेंट कर अपना विचार जरूर दें। यदि इस लेख में कोई भी त्रुटि या सुधार की आवश्यकता है, तो उसे भी नीचे के कमेंट में जरूर बताएं। जिससे हम सुधार कर त्रुटि रहित लेख बनाएं। आपका कमेंट हमें लेख लिखने को उत्साहित करता है आप कमेंट में अपना विचार जरूर दें।

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