Blood Pressure in Hindi

High Blood Pressure in Hindi हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण उपचार

आजकल के भाग दौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर ( High Blood Pressure in hindi ) की समस्या आम हो गई है।

यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार भारत में हर 8 व्यक्ति में से एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है। यानी कुल जनसंख्या का 12.5 % लोग भारत में हाई ब्लड प्रेशर के मरीज है।

ऐसे में बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जिन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है या नहीं।

यहां तक कि यह भी पता नहीं होता है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या है? इसके होने के कारण क्या है, और इसके लक्षण एवं उपचार क्या है?

क्या आप भी इन से अनजान हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। इस में ब्लड प्रेशर से जुड़ी सभी उचित और जरूरी जानकारी को साझा करने की कोशिश की गई है।

High blood pressure

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रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) क्या है – What is High Blood Pressure in Hindi –

हमारे शरीर में उपलब्ध कोशिकाएं एवं अंगों को सही तरह से कार्य करने के लिए ऑक्सीजन युक्त रक्त की जरूरत होती है।

रक्त को परिवहन करने के लिए जिस तंत्र का उपयोग होता है, उसे रक्त परिसंचरण तंत्र कहते हैं। इसका मुख्य अंग हिर्दय है।

हृदय को धड़कने से ही रक्त का परिसंचरण होता है। हृदय द्वारा रक्त पर प्रेशर बनाया जाता है। यानी हृदय रक्त को पंप करने का काम करता है। जिससे रक्त धमनियों के द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचती है। हृदय के द्वारा बनाया गया यही प्रेशर को रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर कहा जाता है।

रक्तचाप के प्रकार Types of Blood Pressure in Hindi

सामान्यता: रक्तचाप ब्लड प्रेशर को तीन भागों में बांटा जा सकता है ।

  1. निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure)
  2. सामान्य रक्तचाप (Normal Blood Pressure)
  3. उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)

निम्न रक्तचाप क्या है – What is Low Blood Pressure –

हृदय की धड़कने की गति (रक्तचाप) सम्मान से कम धीरे हो जाने की क्रिया को निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) कहा जाता है। जब सिस्टोलिक रक्तचाप 90 और डायस्टोलिक रक्तचाप 60 से कम हो जाता है तो उसे निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) कहा जाता है। लो ब्लड प्रेशर(Low Blood Pressure) को हाइपोटेंशन (Hypotension) भी कहा जाता है।

सिस्टोलिक रक्तचाप क्या है – What is Systolic Blood Pressure in Hindi –

ब्लड प्रेशर सूचनाओं को प्रदर्शित करने के लिए इसे पहला यानी अपर नंबर से निर्देशित किया जाता है। सिस्टोलिक यह निर्देशित करता है कि हृदय को धड़कने से ‘रक्त’ धमनियों की दीवार (आर्टरी वॉल्स) पर कितना प्रेशर (दबाव) लगा रहा है।

डायस्टोलिक रक्तचाप क्या है – What is Diastolic Blood Pressurein Hindi –

ब्लड प्रेशर सूचना को प्रदर्शित करने के लिए इसे दूसरे अंक यानी लोवर नंबर से निर्देशित किया जाता है। डायस्टोलिक यह बताता है कि हृदय के दो बार धड़कने के बीच ली गई विराम (रेस्ट) की स्थिति में ‘रक्त’ धमनि की दीवार (आर्टरी वॉल) पर कीतना प्रेशर (दबाव) लगा रहा है ।

सिस्टोलिक और डायस्टोलिक को इस प्रकार से समझा जा सकता है।

जब समान रक्तचाप को 120/80 mm HG लिखते हैं तो इसमें 120 सिस्टोलिक रक्तचाप और 80 डायस्टोलिक रक्तचाप होता है।

सामान्य रक्तचाप क्या है – Normal Blood Pressure in Hindi –

इस स्थिति में हृदय की धड़कन सामान्य होती है। यानी हृदय की गति उतना ही होता है जितना कि किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर को रक्त परिसंचरण की जरूरत होता है।

स्वस्थ व्यक्ति में समान रक्तचाप 120/80 एमएम एचजी माना जाता है। यानी सिस्टोलिक 120 और डायस्टोलिक 80 होना चाहिए।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) क्या है – High Blood Pressure in Hindi –

हृदय की धड़कने की गति यानी रक्तचाप सामान्य से ज्यादा तेज हो जाता है तो उससे उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) कहते हैं इस स्थिति में सिस्टोलिक सूचनांक 130 और डायस्टोलिक सूचनांक 80 से ऊपर (ज्यादा) होता है। हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन (Hypertension) भी कहा जाता है।

उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर को दो अस्तर में बांटा जा सकता है ।

  • प्रथम स्तर (stage-1)
  • द्वितीय स्तर (stage-2)

उच्च रक्तचाप के प्रथम स्तर (stage-1) में सिस्टोलिक सूचना 130 से 139 और डायस्टोलिक सूचना 80 से 89 माना जाता है।

दितीय स्तर (stage-2) में सिस्टोलिक सूचना 140 से ऊपर और डायस्टोलिक सूचना 89 से ऊपर माना जाता है।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लक्षण – High Blood Pressure Symptoms in Hindi –

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण के बात करे तो सबसे बड़ी बात यह है कि इसके कोई स्पष्ट लक्षण नही है, लेकिन कुछ ऐसे लक्षण है जिसके आधार पर बताया जाता है कि उच्च रक्तचाप हो सकता है।

इसके लक्षण कुछ साधारण सी तकलीफ जैसे होने के कारण इसे कई लोग अनदेखा कर देते हैं।

जिससे लगभग एक तिहाई लोग को हाई ब्लड प्रेशर होते हुए भी उसे पता ही नहीं होता है कि उसे हाई ब्लड प्रेशर है या नहीं ।

इसके कुछ लक्षण है जिससे महसूस होने पर नजरअंदाज करना बहुत बड़ी बेवकूफी हो सकता है।

  • सिर दर्द – यदि आपको हमेशा सिर में दर्द रहता है तो हाई ब्लड प्रेशर का कारण हो सकता है। इसे डॉक्टर से जरूर चेक कराएं।
  • छाती में दर्द – कभी-कभी सीने में दर्द होने का कारण गैस या किसी भारी वस्तु उठाने का कारण समझ लेते हैं। जो बहुत बड़ी भूल हो सकती है। यदि आपको हर एक या दो दिन बाद या लगातार सीने में दर्द रहता है तो हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण है।
  • थकान – शरीर में थकान का एहसास होना कमजोरी हो सकता है।लेकिन बिना किसी कठिन परिश्रम के हमेशा थकान महसूस करते हैं तो हाई ब्लड प्रेशर का भी कारण हो सकता है। इसके पुष्टि के लिए डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
  • सांस लेने में परेशानी – यदि आपको हमेशा या कभी-कभी सांस लेने में तकलीफ होता है तो हाई ब्लड प्रेशर का कारण हो सकता है। अक्सर ऐसे देखा गया है कि जिसे हाई ब्लड प्रेशर रहता है उसे सांस लेने में परेशानी होती है।

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  • घबराहट या चिंता – हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति में अक्सर घबराहट या चिंता जैसी परेशानी देखा गया है। इसे इग्नोर ना करें।
  • अनियमित दिल का धड़कना- यदि किसी व्यक्ति का दिल की धड़कन कम या ज्यादा (आसान तरीके) बेवजह होता है तो यह भी हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण हो सकता है।
  • नाक से खून बहना- कभी-कभी उच्च रक्त चाप वाले मरीज में नाक से खून आने का भी समस्या होता है।
  • आंखों में परेशानी- यदि आपको नजरों से संबंधित परेशानी है तो यह भी हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण हो सकता है।

इस स्थिति में कभी-कभी धुंधला दिखना, रोशनी कम होना, दूर या नजदीक की छोटी वस्तु को देखने में परेशानी जैसी लक्षण दिखाई देता है।

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उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के कारण – High Blood Pressure Cause in Hindi –

  • चिंता- यदि कोई व्यक्ति बेवजह किसी भी छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा गंभीर या चिंतित होता है तो हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है।
  • गुस्सा- व्यक्ति को हमेशा गुस्सा करना उसके स्वास्थ में बाधा उत्पन्न करता है।

गुस्सा होने से शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है। साथ ही साथ शरीर में बहुत सारी विपरीत प्रभाव उत्पन्न होता है जो हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा को बढ़ाता है।

  • मानसिक विकार- हाई ब्लड प्रेशर का एक कारण मानसिक असंतुलन या विकार भी हो सकता है जैसे – पागलपन, चिंता, गुस्सा, विक्षिप्तता, आदि।
  • रहन-सहन – उच्च रक्तचाप होने का एक मुख्य कारण आज के दौर का जीवन शैली का बहुत बड़ा प्रभाव है। लोग काम के बोझ से तथा भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान बिल्कुल भूल जाते हैं। ऐसे में यह हाई ब्लड प्रेशर का बड़ा कारण बन सकता है
  • खानपान – आजकल के खानपान में जंक फूड का अनजाने में बढ़ावा दिया जा रहा है। जो आपके स्वास्थ्य बिगड़ने का बहुत बड़ा कारण है।

जंक फूड तथा अनियमित खान-पान से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।

  • नशा – असमाजिक प्रभाव के कारण बहुत सारे युवा शराब, सिगरेट, तंबाकू का सेवन के आदि हो रहे हैं। जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। हाई ब्लड प्रेशर होने का कारण नशा करना एक मुख्य कारण है।

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  • मोटापा – शरीर का वजन बढ़ना यानी मोटापा एक बहुत बड़ी समस्या है। इसके कई दुष्प्रभाव होते हैं जिसमें उच्च रक्तचाप का भी होना आम हो जाता है।
  • ज्यादा उम्र – उम्र के बढ़ने के कारण कई बीमारियों का आना आसान हो जाता है। उम्र बढ़ने से उच्च रक्तचाप का भी खतरा बढ़ जाता है।
  • जेनेटिक – हाई ब्लड प्रेशर होने का कारण अनुवांशिक भी हो सकता है। यदि आपके परिवार में माता-पिता , दादा-दादी किसी को भी उच्च रक्तचाप की समस्या थी तो आपको भी इस बीमारी के होने के चांस बढ़ जाता है।
  • तनाव – उच्च रक्तचाप होने का कारण तनाव या चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।
  • नमक – आवश्यकता से अधिक नमक का सेवन करने से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ जाती है।

उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर से बचने के उपाय – High Blood Pressure Precautions in Hindi –

  1. नियमित व्यायाम करें ।
  2. योगासन उच्च रक्तचाप होने से बचा सकता है।
  3. सात्विक भोजन करें ।
  4. जंक फूड खाने से बचें (परहेज करें )
  5. संतुलित आहार लें।
  6. 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें ।
  7. नमक का सेवन ज्यादा ना करें ।
  8. सकारात्मक विचार रखें ।
  9. धूम्रपान न करें ।
  10. जीवन शैली में बदलाव करें ।
  11. नियमित ब्लड जांच कराएं ।
  12. हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहें।

हाई ब्लड प्रेशर हाइपरटेंशन के खतरे – High Blood Pressure Complications in Hindi –

  • दिल का दौरा पड़ने की खतरा बढ़ जाता है ।
  • कोलेस्ट्रोल और डायबिटीज की समस्या बढ़ सकती है ।
  • ब्रेन हेमरेज की चांस बढ़ सकता है ।
  • डिमेंशिया होने की संभावना रहती है ।
  • लकवा या पोलियो का खतरा बना रहता है।
  • छाती में दर्द की संभावना बन जाता है।
  • किडनी संबंधी विकार हो सकता है ।
  • सेक्स संबंधी समस्या हो सकता है।
  • आंखों की रोशनी मे कमी आ सकती है ।
  • सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है ।
  • हृदय संबंधित कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है ।
  • हार्ड फेल का कारण बन सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के उपचार – High Blood Pressure Treatment in Hindi-

उच्च रक्तचाप की समस्या आजकल के दौर में आम होता जा रहा है।
इससे बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं जो जरूरी भी है ।

लेकिन इससे निजात पाने के लिए इसका उपचार कराना बहुत जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर के उपचार कई तरह से किया जा सकता है जैसे –

  1. एलोपैथिक अंग्रेजी दवाइयों के द्वारा –
  2. होम्योपैथिक दवाइयों के द्वारा –
  3. आयुर्वेदिक इलाज के द्वारा –
  4. सर्जरी के द्वारा –
  5. घरेलू नुस्खों के द्वारा –

उच्च रक्तचाप को कम करें घरेलू नुस्खों से – Home Remedies for High Blood Pressure in Hindi –

अलसी का बीज –

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए इसे चाय के रूप में सेवन करें।

इस्तेमाल कैसे करें-

  • एक या दो कप पानी ले ।
  • एक चम्मच अलसी का बीज ले ।
  • 5 से 6 मिनट तक उबालें ।
  • अब एक चुटकी काली मिर्च का पाउडर डालें ।
  • आधा चम्मच शहद डालें ।
  • रोजाना सुबह-शाम खाली पेट चाय की तरह सेवन करें।

तरबूज –

इसमें 90 % तक पानी होता है। तथा इसमें कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होने के कारण वजन घटाने में सहायक होता है साथ ही साथ उच्च रक्तचाप को कम करने में कारगर होता है।

इस्तेमाल कैसे करें –

  • दिन में कभी भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है ।
  • जूस बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं ।
  • फल के साथ सलाद के रूप में खा सकते हैं ।
  • एसिडिटी की समस्या है तो काला नमक मिलाएं लाभकारी होगा।

प्याज –

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए प्याज का चाय के रूप में इस्तेमाल करें। इसमें फ्लेवोनॉल एवं हाई क्वेरसेटिन नामक पिगमेंट होता है। जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक होता है।

इस्तेमाल कैसे करें-

  • दो कप पानी ले ।
  • एक प्याज को बारीक काट लें ।
  • दो लॉन्ग ले।
  • दो कली लहसुन लें।
  • थोड़ी सी दालचीनी या तेजपत्ता भी ले सकते हैं ।
  • सभी को मिलाकर उबालें ।
  • पानी का रंग बदलकर गहरा हो जाए तो इसे छान लें।
  • फिर चाय की तरह रोज सुबह सेवन करें।
High Blood Pressure Diet Chart in Hindi

उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर के लिए आहार High Blood Pressure Diet Chart in Hindi

  1. जैतून का तेल
  2. बीज – कद्दू ,खरबूजे, सूरजमुखी ,तारबुज ,
  3. हरी सब्जी – मूली का पत्ता, पालक, गोभी, चुकंदर, चुकंदर का पत्ता , शलजम के पत्ता,
  4. योगर्ट – यह वैसा दही होता है जिसमें बसा यानी फैट की मात्रा बहुत कम होती है।
  5. पिस्ता
  6. अनार
  7. लहसुन
  8. दलिया
  9. डार्क चॉकलेट – इसमें फ्लैवनॉल पाया जाता है जो उच्च रक्तचाप को कम करता है।
  10. विटामिन सी युक्त फ्रूट – नींबू , संतरा , अंगूर , मुसम्मी,  अनानस इत्यादि

हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति को क्या नही खाना चाहिए –

  • अचार और पापड़ न खाएं ।
  • पैक्ड फूड जूस एनर्जी ड्रिंक का सेवन न करें।
  • पिज्जा पेस्टी वाटर व्हाइटफील्ड सॉस प्रोसेस्ड मांस का सेवन वर्जित है।
  • नमकीन चिप्स कुकीज कैंडी पास्ता ना खाएं ।
  • चाय, कॉफी, सोडा, शराब, धूम्रपान से बचे ।
  • अधिक वसा युक्त दूध, घी, मक्खन, दही न खाएं।

योग से दूर भगाये हाई ब्लड प्रेशर को Yoga for High Blood Pressure In Hindi

  1. अनुलोम विलोम प्राणायाम
  2. शीतकारी प्राणायाम
  3. कपालभाती प्राणायाम
  4. साम वृत्ति
  5. भ्रामरी प्राणायाम
  6. वज्रासन
  7. बालासन
  8. सेतुबंध आसन

इस लेख से आपने क्या सीखा –

इस लेख में आपने बहुत सारी जानकारियां हासिल किया जैसे – ब्लड प्रेशर क्या है, इसके कितने प्रकार होते हैं, सिस्टोलिक रक्तचाप क्या है, डायस्टोलिक रक्तचाप क्या है, निम्न रक्तचाप क्या है, उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर क्या है, उच्च रक्तचाप के कितने प्रकार हो सकते हैं, हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण, हाई ब्लड प्रेशर के कारण, हाई ब्लड प्रेशर के खतरे, उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर के उपचार, उच्च रक्तचाप के घरेलू नुस्खे, उच्च रक्तचाप वाले मरीज के लिए उपयुक्त आहार, हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति को क्या नहीं खाना चाहिए, उच्च रक्तचाप के लिए योगासन इत्यादि।

आपको यह लेख High Blood Pressure in Hindi से जुड़ी जानकारी कैसा लगा नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। आपके द्वारा किया गया कॉमेंट हमे अच्छी लेख लिखने के लिए प्रेरित करता है, और साथ मे ये भी जरुर बताए यदि लेख में कोई त्रुटि हो या सुधार की जरूरत हो तो अवश्य उसके बारे में लिखे जिससे हम सुधार कर त्रुटिहीन बना सेक।

धन्यवाद…..

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