Padamasana Karne ki Vidhi

पद्मासन लगाने का आसान तरीका और फायदे (Padmasana in Hindi)

योग में 84 लाख आसान है लेकिन मुख्य रूप से 84 आसन को किया जाता है। जिसमें से एक है पद्मासन (Padmasana in Hindi)। यह एक ऐसा आसन है जो सभी योग साधक का प्रिय है। किसी भी ऋषि मुनि ध्यान लगाने या साधना के लिए इसी आसन का प्रयोग करते थे।

पद्मासन के द्वारा 72000 नड़ीयां शुद्ध होता है। यह आसान सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाला आसन माना जाता है।

पद्मासन के निरंतर अभ्यास से सभी रोग नाश हो जाता है। यहां तक कि शुद्ध आत्मा से किया जाए तो सभी पापों का नाश होता है।

इस लेख में पद्मासन (Padmasana in Hindi) करने की विधि, इसके फायदे एवं पद्मासन करते समय बरतने वाली सावधानियों को विस्तार से बताया गया है। जिसे पढ़ने के बाद किसी और लेख को पढ़ने की आवश्यकता ना होगी। इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

पद्मासन के प्रकार – Types of Padmasana in Hindi

यहां पद्मासन के प्रकार का अर्थ है पद्मासन (Padmasana in Hindi) से मिलता जुलता कुछ आसन जो पद्मासन नहीं लगने पर कर सकते हैं या पद्मासन लगने के बाद उसके उच्च अभ्यास। यहां पर चार आसन को बताया जा रहा है।

  1. अर्ध पद्मासन (Ardha Padmasana in Hindi)
  2. पद्मासन (Padmasana in Hindi)
  3. बद्ध पद्मासन (Baddha Padmasana in Hindi)
  4. गुप्त पद्मासन ( Gupt Padmasana in Hindi)

अर्ध पद्मासन क्या है? What is Ardha Padmasana in Hindi –

यह पद्मासन का आधा भाग है। जिसे वैसे व्यक्ति के द्वारा किया जा सकता है जो पद्मासन लगाने में सक्षम नहीं है। नए योग साधक को पद्मासन (Padmasana in Hindi) लगाने में कठिनाई होती है तो उस स्थिति में पहले अर्ध पद्मासन लगाने की सलाह दिया जाता है। क्योंकि इसे करना बहुत आसान होता है।

Ardha Padmasana in Hindi

अर्ध पद्मासन करने की विधि – Ardha Padmasana Karne ki Vidhi in Hindi –

  • सबसे पहले किसी नरम चटाई पर दोनों पैर सामने फैला कर बैठ जाएं।
  • बाएं पैर को घुटनों से मोड़ते हुए दाहिने जांघ के नीचे दबा ले ।
  • फिर दाहिने पैर को घुटना से मोड़ते हुए बाएं पैर के जांघ के ऊपर रखें।
  • ध्यान रहे दाहिने पैर का ऐडी पेट के निचले हिस्से को स्पर्श कर रहा हो एवं तलवा आसमान की तरफ हो।
  • अपने हाथों को दोनों घुटनों पर ध्यान मुद्रा में रखें।
  • कमर, गर्दन एवं मेरुदंड को सीधा रखें।
  • इस स्थिति में साधारण स्वशन क्रिया करें।
  • अपनी क्षमता अनुसार इस स्थिति में रुके।
  • इस प्रक्रिया को पुनः पैर बदलकर करें।

अर्ध पद्मासन के लाभ – Ardha Padmasana Benefits in Hindi –

  1. पूर्ण पद्मासन (Padmasana in Hindi) लगाने से पहले इस आसन को करने से पद्मासन लगाना आसान हो जाता है।
  2. अर्ध पद्मासन को पूर्ण पद्मासन लगाने से पहले जरूर करें।
  3. संपूर्ण शरीर को इस आसन से लाभ मिलता है।
  4. किसी भी साधना करने में मन को स्थिरता प्रदान करता है।

पद्मासन क्या है ? What is Padmasana in Hindi –

यह बैठकर किया जाने वाला योग मुद्रा / आसन है। पद्मासन (Padmasana in Hindi) का शाब्दिक अर्थ – पद्म यानी कमल और आसन यानी मुद्रा होता है।
इस आसन को करते समय शरीर की आकृति कमल के फूल के समान बनता है। एवं यह भी कहा जाता है कि इस आसन के निरंतर अभ्यास से योग साधक कमल के फूल की तरह खिल उठता है। इसलिए इसे पद्मासन कहा गया है।

कई योग शिक्षक पद्मासन (Padmasana in Hindi) को अलग-अलग नामों से बताते हैं जैसे- कमलासन (Lotus Pose), मुक्त पद्मासन, ब्रह्मा आसन, श्री आसन, आदि आसन।
पद्मासन को चीनी और तिब्बती बौद्ध मान्यता में वज्र आसन भी कहा जाता है।

और पढ़ें – Best 21 Yogasan in Hindi : जरूर करे ये योगासन

पद्मासन करने की विधि – Padmasana Karne ki Vidhi in Hindi –

  • सबसे पहले किसी नरम चटाई पर दोनों पैर सामने फैला कर बैठ जाएं। या सुखासन में भी बैठ सकते हैं।
  • बाएं पैर के पंजे को हाथ की मदद से दाहिने पैर के जांघ पर रखें।
  • फिर दाहिने पैर के पंजे को हाथों की मदद से बाएं पैर के जांघ पर रखें।
  • ध्यान दें – दोनों पैर की एड़ियां पेट के निचले हिस्से से स्पर्श कर रहा हो या पेट के निचले हिस्से के समीप हो एवं तलवा आसमान की तरफ हो।
  • दोनों घुटना जमीन से स्पर्श कर रहा हो।
  • कमर, गर्दन एवं मेरुदंड सीधा हो।
  • दोनों हाथों को घुटनों पर ध्यान मुद्रा में रखें।
  • साधारण श्वसन क्रिया करें।
  • अपने क्षमता अनुसार जितना देर हो सके रुके।

नोट – पद्मासन में हथेलियों को इस प्रकार भी रखा जा सकता है- बाएं हाथ को दोनों तलवों के ऊपर एवं दाहिने हाथ को बाएं हाथ के ऊपर, हथेली आसमान की तरफ करके रखें जिससे हथेलियों का स्पर्श नाभि से होता रहे।

नए साधक के लिए –

जिस साधक से पूर्ण पद्मासन नहीं लगता हो वह पहले अर्ध पद्मासन का अभ्यास जरूर करें।
नए साधक पद्मासन लगाने से पहले अपने एक पैर के पंजे को हाथों की मदद से पकड़कर नाभि से थोड़ा ऊपर उठाएं एवं बच्चे को जिस तरह गोद में झुलाते हैं उसी प्रकार अपने पैरों को झुलाएं। इससे आपके पैर, घुटना एवं जांघ में लचीलापन आएगा जिससे पूर्ण पद्मासन लगाना आसान हो जाता है। इस क्रिया को 3 से 5 मिनट तक करें फिर पैर को बदलकर करें।

पद्मासन के लाभ – Padmasana Benefits in Hindi –

  1. इसके अभ्यास से सभी रोगों का नाश होता है।
  2. चेतना उर्ध्वमुखी होता है।
  3. सभी 72000 नारियों को शुद्ध करता है।
  4. साधक के सभी स्नायुतंत्र को खोलता है।
  5. काम विकार को नाश करता है।
  6. काम शक्ति को यथावत बनाता है।
  7. पेट संबंधित सभी विकार दूर करने में सहायक है।
  8. पाचन तंत्र ठीक करता है।
  9. जीवनदायिनी शक्ति प्रदान करता है।
  10. मन को शांति देता है।
  11. मन की चंचलता को स्थिर करता है।
  12. मूत्राशय से संबंधित रोग दूर करता है।
  13. स्त्रियों के मासिक धर्म की अनियमितता को सुधारता है।
  14. गर्भावस्था में इसे निरंतर देर तक करने से प्रसव (डिलीवरी) आसानी से होता है।
  15. रक्त संचार को नियंत्रित करता है।
  16. वीर्य रक्षा में भी सहायक है।
  17. पेट बाहर निकलने से रोकता है।
  18. तनाव को कम करता है।
  19. पैरों में लचीलापन को बढ़ाता है।
  20. कुंडलिनी जागरण में विशेष सहयोग मिलता है।
  21. पद्मासन (Padmasana in Hindi) संपूर्ण दैहिक, दैविक और भौतिक व्याधियों को दूर करता है।

पद्मासन करते समय सावधानियां – Precautions of Padmasana in Hindi –

पद्मासन (Lotus Pose) लगाते समय पैरों को जबरदस्ती ना चढ़ाएं।
अपनी क्षमता से अधिक समय तक इस आसन को न लगाए।
पद्मासन लगाने पर पैरों को बदली जरूर करें।
घुटनों में तेज दर्द या जटिल समस्या है तो इस आसन को ना करें।
साइटिका से परेशान है तो इस आसन को ना करें।

और पढें – जाने मयूरासन के 15 लाभ, करने का तरीका एवं सावधानियां

बद्ध पद्मासन क्या है ? What is Baddha Padmasana in Hindi –

यह पद्मासन का उच्च अभ्यास है। बद्ध पद्मासन का शाब्दिक अर्थ- बद्ध यानी बंधा हुआ या पकड़ा हुआ और पद्मासन यानी कमल आसन होता है। इस आसन को करते समय पद्मासन में बैठकर दोनों हाथ पीठ के पीछे से घुमाकर दोनों पैर के अंगूठे को क्रमशः पकड़ा जाता है। इसलिए इसे बद्ध पद्मासन कहा गया है।

Padmasana in Hindi Baddha Padamasana in Hindi

बद्ध पद्मासन करने की विधि – Baddha Padmasana Karne ki Vidhi in Hindi –

  • सबसे पहले किसी नरम चटाई पर पद्मासन में बैठ जाएं।
  • दोनों हाथों को पीठ के पीछे से घुमाते हुए पैरों के अंगूठे को पकड़े।
  • दाहिने हाथ से दाहिने पैर के अंगूठे एवं बाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठा को पकड़े।
  • साधारण स्वसन क्रिया करें।
  • अपने क्षमता अनुसार या 2 से 3 मिनट तक इस स्थिति में रुके।
  • इस क्रिया को पैर बदलकर करें।

बद्ध पद्मासन के लाभ – Baddha Padmasana Benefits in Hindi –

  1. हाथों, कंधो की मांसपेशियों को मजबूती मिलता है।
  2. छाती मजबूत बनता है।
  3. कब्ज दूर होता है।
  4. पेट के विकार दूर होते हैं।
  5. जठराग्नि को बढ़ाता है।
  6. भूख को बढ़ाता है।
  7. पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है।
  8. हिर्दय , फेफड़ा और किडनी को स्वस्थ बनाता है।
  9. स्त्रियों के वक्ष स्थल में उभार आता है।

और पढ़ें – Benefits of Yoga in Hindi योग के फायदे जानकर हैरान हो जायेगें

सावधानियां – Precautions of Baddha Padmasana in Hindi –

पद्मासन (Lotus Pose in hindi) में की जाने वाली सभी सावधानियां इस पर भी लागू होता है।
मेरुदंड से संबंधित जटिल समस्या हो तो इस आसन को ना करें।

गुप्त पद्मासन – Gupt Padmasana in Hindi –

यह भी एक प्रकार की पद्मासन (Lotus Pose in hindi) है। जिसे पद्मासन की अवस्था में ही लेट कर किया जाता है।

गुप्त पद्मासन करने की विधि –

किसी नरम चटाई पर पद्मासन लगाकर बैठ जाएं। इसी अवस्था से अब पेट के बल धीरे धीरे हाथों की सहारा से लेट जाएं। दोनों हाथों को पीछे मोड़ते हुए पीठ पर नमस्कार मुद्रा में दोनों हथेलियों को जोड़ लें। एवं साधारण स्वशन क्रिया करें। अपने क्षमता के अनुसार इस अवस्था मे रुकें।

और पढ़ें – कमर दर्द के 10 रामबाण योग आसन

इस लेख से आपने क्या सीखा –

इस लेख में आपने पद्मासन (Padmasana in Hindi) से जुड़ी सारी जानकारियां प्राप्त किया जैसे- अर्ध पद्मासन क्या है, अर्ध पद्मासन कब लगाते हैं, अर्ध पद्मासन लगाने की विधि, इसके लाभ, पद्मासन क्या है, पद्मासन लगाने की विधि, नए साधक के लिए कुछ जरूरी बातें, पद्मासन के लाभ, पद्मासन लगाते समय बरतने वाली सावधानियां, बद्ध पद्मासन क्या है, बद्ध पद्मासन लगाने की विधि, बद्ध पद्मासन के लाभ एवं इससे जुड़ी सावधानियां, गुप्त पद्ममास करने की विधि।

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धन्यवाद…..

लेख स्रोत – सम्पूर्ण योग विद्या, द आर्ट ऑफ लिविंग और विकिपीडिया

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