Mayurasana in Hindi

मयूरासन के 15 लाभ, करने का तरीका, सावधानियां (Mayurasana in Hindi)

आजकल योग के प्रति सभी लोग आकर्षित हो रहे हैं जिस तरह से योग के फायदे हैं वैसे में हर व्यक्ति योग को गहराई से जानना चाहते हैं।
योग में कई आसन हैं जिसमें से एक है मयूरासन ( Mayurasana in Hindi ) आज इस लेख में इसी के बारे में चर्चा करेंगे।

कहा जाता है कि मोर की पाचन शक्ति इतनी अधिक होता है कि कंकड़ पत्थर क्या यहां तक कि सर्प का विष भी बचा जाता है।

ठीक उसी प्रकार मयूरासन करने वाले व्यक्ति की पाचन शक्ति इतनी अधिक बढ़ जाता है कि वह कुछ भी भोजन आसानी से पचा सकता है।

इस लेख में मयूरासन को विस्तार से जानेंगे कि मयूरासन करने के तरीके क्या है, इसके लाभ एवं इसे करते समय किन-किन सावधानियों को ध्यान रखना जरूरी है।

मयूरासन क्या है? What is Mayurasana in Hindi –

मयूरासन (Maayurasana in Hindi) हैंड बैलेंसिंग आसन है। जिस प्रकार इसके नाम से प्रतीत होता है कि यह आसन दो शब्दों से मिलकर बना है मयूर + आसन = मयूरासन ।
यानी मयूर का अर्थ मोर एवं आसन का अर्थ मुद्रा होता है। इस आसन को करते समय शरीर की आकृति मोर की तरह बनता है इसलिए इसे मयूरासन कहा गया है।

मयूर आसन करने की विधि – Mayurasana Karne ka Trika in Hindi –

  • सबसे पहले किसी नरम चटाई पर वज्रासन में बैठ जाएं।
  • अब घुटनों को फैलाते हुए दोनों घुटनों पर सवार हो जाए।
  • दोनों हथेलियों को दोनों घुटने के बीच में इस प्रकार रखें कि अंगुलियां अंदर की ओर एवं दोनों अंगूठा दोनों घुटनों को पॉइंट कर रहा हो।
  • अब आगे झुकते हुए दोनों कोहनी को नाभि के दोनों तरफ इस प्रकार जमाए की बाहर की और न खिसके।
  • आगे झुकते हुए पैरों को पीछे फैलाएं एवं पूरे शरीर को जमीन के समानांतर लाएं (ध्यान रहे अब दोनों पंजा आपस में सट्टा हो)
  • पूरे शरीर का दबाव दोनों हथेलियों पर बैलेंस करते हुए पैरों को थोड़ा ऊपर उठाने की कोशिश करें एवं पूर्ण अवस्था में रुके।
  • इस स्थिति में 15 से 20 सेकंड तक रुके एवं पैरों को जमीन पर टिकाते हुए मूल अवस्था में आए।
  • सांस समान हो जाने पर पुनः इसे तीन से चार बार दोहराएं।
  • पूर्ण अवस्था में साधारण श्वास क्रिया करें या सांस रोककर भी रख सकते हैं।

जब हथेलि की अँगुली आगे की तरफ रखकर इस आसन को करते है तो इसे हंसासन कहा जाता है। इसके लाभ मयूरासन के समान होता है।

जब मयूरासन को पद्मासन के साथ किया जाता है तो उसे पद्म मयूरासन कहते है। इसका लाभ भी मयूरासन के समान होता है।

Mayurasana in Hindi पद्म मयूरासन

मयूरासन करने के लाभ – Benefits of Mayurasana in Hindi –

जिस प्रकार योग के कई लाभ है उसी प्रकार मयूरासन के भी कई लाभ है जो इस प्रकार है-

  1. पेट संबंधित सभी प्रकार के रोग नाश होता है।
  2. पाचन शक्ति को बढ़ाता है एवं मजबूत करता है।
  3. आंतों को पूर्ण रूप से साफ करता है।
  4. मेरुदंड लचीला एवं मजबूत बनता है।
  5. स्वसन संबंधित विकार दूर होता है।
  6. फेफड़ा मजबूत होता है।
  7. रक्त संचार को सुदृढ़ कर इसमें वृद्धि करता है।
  8. गैस तथा कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है।
  9. मूत्र संबंधित दोष दूर हो जाते हैं।
  10. शरीर फिट एवं छरहरा बनता है।
  11. आंखों की समस्या में लाभदायक है।
  12. भुजाओं एवं हाथों में मजबूती आती है।
  13. चेहरा में चमक आ जाता है।
  14. इस आसन को नियमित अभ्यास करने से शारीरिक एवं मानसिक संतुलन में वृद्धि होता है।
  15. चेहरों पर होने वाली है कील मुहांसों से निजात मिलता है।
  16. यह आसन लीवर एवं गुर्दों के लिए भी लाभदायक है।

मयूरासन में बरतने वाली सावधानियां – Precautions for Mayurasana in Hindi –

  • गर्भवती महिला इस आसन को ना करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) एवं हृदय रोगी इस आसन को ना करें।
  • हर्निया या अल्सर से परेशान है तो इस आसन को ना करें।
  • यदि शारीरिक कमजोरी या हाथों की हड्डियों में फ्रैक्चर है तो इस आसन को ना करें।
  • इस आसन को करने से पेट में इसी प्रकार की परेशानी या दर्द हो तो योग प्रशिक्षक से सलाह जरूर लें।
  • इस आसन को सुबह खाली पेट करना ज्यादा उचित है।
  • यदि आपके पास समय की अभाव है तो इस आसन को शाम में भी कर सकते हैं लेकिन इसे खाना खाने के 4 से 6 घंटे बाद ही करें।
  • पेट में किसी प्रकार के ऑपरेशन या गंभीर समस्या है तो इस आसन को ना करें।

और पढ़ें –

10 योग आसन पेट कम करने के लिए। कमर दर्द के लिए 10 रामबाण योग आसन ।

FAQ’s

मयूरासन के कितने प्रकार है ?

मयूरासन के दो प्रकार है।
1. मयूरासन
2. पद्म मयूरासन

पद्म मयूरासन क्या है ?

जब मयूरासन को पद्मासन के साथ किया जाता है तो उसे पद्म मयूरासन कहते है।

मयूरासन कैसे करें ?

किसी खुले हवादार स्थान पर बैठ कर घुटनों पर सवार हो जाय। दोनों हथेलियों को घुटनों के बीच मे जमीन से सटाकर रखें। अंगुलिया अंदर की ओर हो। हथेलियों पर दवाव बनाते हुए पैरों को पीछे खोलें और पंजा आपस मे मिलाकर रखें।
एवं शरीर को जमीन के सामंतर ब्लांकके बनाए। इसे लेेेख में बताया गया है।

मयूरासन कब नही करना चाहिए।

खाना खाने के बाद मयूरासन न करें।

इस लेख से आपने क्या सीखा –

इस लेख में आपने मयूरासन क्या है, इसे करने की विधि, इसके लाभ एवं इस आसन को करते समय जरूरी सावधानियां के बारे में सीखा।

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धन्यवाद…..

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