What is Thyroid in Hindi

थायराइड के 6 कारण लक्षण उपचार : What is Thyroid in Hindi

आजकल थायराइड (What is Thyroid in Hindi) की समस्या लोगों में आम होता जा रहा है। यह बीमारी पुरुषों की अपेक्षा अपेक्षा की अपेक्षा अपेक्षा महिलाओं में 10 गुना ज्यादा मिलता है मिलता है।

थायराइड एक गले की बीमारी है लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर देखा जा सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो लोगों को होते हुए भी उसे पता नहीं होता है कि उसे थायराइड की बीमारी है या नहीं ।
पता नहीं चलने का सबसे बड़ा कारण शुरुआती दौर मैं इसके साधारण लक्षण है।
क्या आप भी इसके लक्षण और कारण से अनजान हैं तो आइए इस लेख को तो आइए इस लेख को अंत तक पढ़ें।

थायराइड क्या है? What is Thyroid in Hindi –

थायराइड (Thyroid in Hindi) गले में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है जो ट्राईआयोडोथायरोनिन और थायरोक्सिन नामक हार्मोन बनाती है। इन दोनों हार्मोनो के निर्माण या स्त्राव कम या बढ़ जाने से उत्पन्न समस्या को थायराइड की बीमारी कहते हैं।

थायराइड को विस्तार से जाने – What is Thyroid in Hindi in Detail –

थायराइड एक ग्रंथि है जो गला में पाया जाता है। यह ग्रंथि गर्दन के अंदर कॉलर बोन के ऊपर स्थित रहता है। यह एंडोक्राइन समूह की ग्रंथि होती है। थायराइड ग्रंथि मूल रूप से दो प्रकार का हार्मोन ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) थायरोक्सिन (T4) का निर्माण करता है।  थायराइड ग्रंथि का आकार तितली के जैसा दिखाई देता है। कनाडा में किया गया शोध पर प्रकाशित एक लेख के बारे में हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है कि गर्भवती महिलाओं में थायराइड की लक्षण 50% तक बढ़ जाता है।

What is Thyroid in Hindi

थायराइड का हिंदी अर्थ क्या है? What is Meaning of Thyroid in Hindi

थायराइड को हिंदी में थायराइड या अवटुग्रंथि कहा जाता है।

थायराइड के प्रकार –  Types of Thyroid Problem in Hindi –

मुख्य रूप से थायराइड दो प्रकार के हैं।

हाइपरथायराइड – (Hyperthyroid in Hindi) – जब थायराइड ग्रंथि अधिक सक्रिय हो जाता है तो हार्मोन का स्त्राव अधिक होने लगता है। इसे हाइपरथायराइडिज्म (Hyperthyroidism in hindi) कहा जाता है।
इस स्थिति में ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) थायरोक्सिन (T4) का स्तर बढ़ने लगता है एवं टी एस एच का स्तर घटने लगता है।

हाइपोथायराइड -(Hypothyroid in Hindi) – जब थायराइड ग्रंथि की सक्रियता कम हो जाता है तो थायराइड हार्मोन का स्त्राव सामान्य से कम होने लगता है। इसे हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism in hindi) कहा जाता है।
इस स्थिति में ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) थायरोक्सिन (T4)  का स्तर घटने एवं टी एस एच का स्तर बढ़ने लगता है।

थायराइड के अन्य प्रकार –  Some Types of Thyroid Problem –

गोइटर थायराइड – इसे बोलचाल की भाषा में गलगंड या घेंघा रोग भी कहा जाता है। यह बीमारी मुख्य रूप से शरीर में आयोडीन की कमी से होता है। इस स्थिति में डॉक्टर आयोडीन का सेवन करने को कहता है तथा आयोडीन की दवाई देता है। जो एक साधारण उपचार से ठीक हो सकता है।

थायराइड कैंसर – जब थायराइड की बीमारी ज्यादा दिन तक रह जाता है और इसका इलाज नहीं हो पाता है। तो यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ जाती है और अंत में थायराइड कैंसर का रूप ले लेती है।

थायराइड कैंसर दो प्रकार के होते हैं।

डिफरेंशियल थायराइड कैंसर – यह थायराइड कैंसर का सामान्य रूप माना जाता है। थायराइड कैंसर होने पर ज्यादातर केश इसी बीमारी का आता है। इसका उपचार समय रहते किया जाए तो ठीक हो सकता है।

एनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर – यह एक खतरनाक और तेजी से बढ़ने वाला थायराइड कैंसर है। यह बहुत कम लोगों में पाया जाता है। लगभग थायराइड कैंसर के केस  में 2% शिकायत इस प्रकार की आती है। यह ज्यादातर बुढ़ापे की उम्र में होता है। जिसका इलाज करना बहुत ही मुश्किल है।

थायराइड के लक्षण – Symptoms of Thyroid in Hindi

जब व्यक्ति को थायराइड की समस्या होती है। तो कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं जो निम्न है। लेकिन थायराइड के कई प्रकार होते हैं और उसके अनुरूप लक्षण भी दिखाई देते हैं। मई उपचार डॉट कॉम भी इसके अलग अलग लक्षण को बताया गया है जो सराहनीय एवं जरूरी है। आइए नीचे के लेख में इसे समझते हैं।

वजन बढ़ना या घटना – शरीर का वजन अचानक बढ़ना या घटना थायराइड का प्रमुख लक्षण माना जाता है। जिस व्यक्ति को हाइपरथायराइड हो जाता है उसका वजन कम होने लगता है। और जिस व्यक्ति को हाइपोथायराइड हो जाता है उसका वजन बढ़ने लगता है। जिसे लोग मोटापा की बीमारी भी समझ बैठते हैं ।

हृदय गति बढ़ना –  हृदय की गति का बढ़ने के कई कारण होते हैं। जैसे – उच्च रक्तचाप ब्लड शुगर, चिंता , अवसाद। लेकिन हृदय की गति में बदलाव थायराइड का एक लक्षण है जिसे जांच जरूर करवाना चाहिए।

बालों का झड़ना – ऐसे बहुत सारे थायराइड के मरीज में देखा गया है कि जिन व्यक्तियों में थायराइड संबंधित बीमारी है उसके बाल झड़ना शुरू हो जाता है।
और यह शुरुआती लक्षण भी माना जाता है। हालांकि बाल झड़ने के और भी कारण हो सकते हैं लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच करवाना जरूरी है।

मिजाज में बदलाव – थायराइड के मरीज के शुरुआती लक्षण में यह भी देखा गया है कि उसके हाव-भाव एवं अभिव्यक्ति में बदलाव नजर आता है।
कभी वह खुशमिजाज दिखेंगे या कभी दुखी दिखेंगा। ऐसी लक्षण नजर आए तो इस पर गौर करना जरूरी है हो सकता है थायराइड के कारण हो रहा हो।

हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण –

  • नींद न आना
  • दिल की धड़कन का बढ़ना
  • घबराहट
  • चिंता
  • चिड़चिड़ाहट
  • कॉलेस्ट्रॉल घटना
  • बाल झड़ना 
  • बाल कमजोर पड़ना
  • वजन घटना
  • ज्यादा पसीना आना

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण –

  • बालों का झड़ना
  • नाखून कमजोर होना
  • कब्ज की परेशानी
  • आंखों में सूजन
  • भूलने की बीमारी
  • अवसाद
  • चिंता
  • वजन बढ़ना
  • कमजोरि या थकान
  • दिल की धड़कन का गति कम होना
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
  • मासिक धर्म में अनियमितता या देरी।

थायराइड कैंसर के लक्षण –

  • गला एवं गर्दन में सूजन
  • सांस लेने में दिक्कत
  • लगातार खांसी बिना किसी समस्या के
  • आवाज में बदलाव हो जाना
  • गले में गांठ का बढ़ना

थायराइड के कारण –  Causes of Thyroid in Hindi / Reason of Thyroid in Hindi-

आयोडीन की कमी – हार्मोन के निर्माण में थायराइड ग्रंथि का मुख्य भूमिका होता है। लेकिन आयोडीन की कमी की वजह से भी हार्मोन की निर्माण में कमी आ जाती है जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।

आयोडीन की अधिक सेवन – शरीर में आयोडीन की मात्रा अधिक हो जाने से थायराइड ग्रंथि में हार्मोन का स्त्राव अधिक होने लगता है। जिसके कारण हाइपरथायराइडिज्म की समस्या उत्पन्न होने लगती है।

थायराइड ग्रंथि में गांठ – कभी-कभी थायराइड ग्रंथि में साधारण गांठ हो जाता है जिसके कारण हार्मोन का स्त्राव बढ़ जाता है। और उस स्थिति में हायपरथायराइडिज्म की समस्या उत्पन्न होने लगता है।

गर्भावस्था – जब महिला गर्भवती रहती है तो उसके शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल बदलाव आता है। उसमें से एक है पिट्यूटरी ग्रंथि जिसमें कुछ साधारण सी कोशिकाओं का विकास हो जाती है। जिसके कारण थायराइड हार्मोन की उत्पादन बढ़ जाता है। और उस स्थिति में हाइपरथायराइडिज्म की समस्या उत्पन्न होने लगता है।  हालांकि यह समस्या डिलीवरी के कुछ दिनों के बाद सामान्य हो जाता है।

ऑटोइम्यून रोग – इस रोग में ऑटो एंटीबॉडीज थायराइड ग्रंथि को अधिक मात्रा में हार्मोन उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करता है। जिसके कारण हाइपरथायराइडिज्म की समस्या उत्पन्न होती है यह रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होता है।

अनुवांशिक  –  यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता को इस बीमारी की समस्या है तो उस व्यक्ति को भी थायराइड की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।

और पढ़ें – हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण कारण उपचार एवं घरेलू नुस्खे

थायराइड की समस्या से बचाव के उपाय – Precautions of Thyroid in Hindi –

तनाव  –  तनाव से भी थायराइड की समस्या उत्पन्न होने लगता है। इसलिए खुशहाल रहें इस बीमारी से बचने के लिए।

धूम्रपान – धूम्रपान करना शरीर के लिए बहुत बड़ी नुकसानदायक लत है। धूम्रपान से थायराइड कैंसर की खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए धूम्रपान एवं शराब का परहेज करें।

संतुलित आहार – संतुलित एवं पौष्टिक आहार शरीर के लिए एक वरदान है। संतुलित आहार से थायराइड की समस्या से बचा जा सकता है।

आयोडीन –  पर्याप्त मात्रा में आयोडीन का सेवन कर थायराइड की समस्या से बचा जा सकता है ध्यान रहे ज्यादा आयोडीन की सेवन  से भी थायराइड की समस्या हो सकती है। इसके लिए भोजन में आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें।

नियमित जांच – डॉक्टरों की सलाह और नियमित रूप से इसकी जांच कराकर थायराइड की समस्या से बचा जा सकता है।

थायराइड की समस्या का उपचार – Treatment of Thyroid in Hindi –

अंग्रेजी दवा – बाजार में कई ऐसे थायराइड रोधी दवा है जिसके सेवन से थायराइड की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन इन दवाओं के सेवन से पहले किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

थायराइडेक्टामी (Thyroidectomy) – यह एक ऑपरेशन द्वारा इलाज की प्रक्रिया है। जिसमें गले की ऑपरेशन कर थायराइड ग्रंथि को निकाल दिया जाता है। जिससे थायराइड की समस्या एवं थायराइड कैंसर से बचा जा सकता है।
यह इलाज का अंतिम प्रक्रिया है। जब दवाओं से इसका इलाज संभव नहीं होता है तब इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है।

आयुर्वेदिक उपचार (Thyroid Treatment in Ayurveda Hindi) – थायराइड की समस्या से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का भी उपयोग एक कारगर इलाज है। इसकी सेवन से भी थायराइड संबंधित समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

जीवन शैली (Lifestyle) – अपने बुरी आदतों और खानपान में बदलाव अपने आप में एक इलाज है। थायराइड की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई प्रकार के बुरे आदत और जंक फूड , प्रिजर्वेटिव फूड से परहेज कर इससे छुटकारा पाया जा सकता है।

योग (Yoga for Thyroid Treatment) – प्राचीन काल से ही योग से कई प्रकार के बड़ी बीमारियों का इलाज संभव है। आप चाहे तो योग के द्वारा थायराइड की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। योग के कई लाभ हैं जिससे आप इस समस्या से निजात अवश्य पाएंगे। थायराइड की समस्या से छुटकारा पाने के लिए निम्न योगासन को कर सकते हैं। यह एक वरदान सिद्ध हो सकता है।6

  1. सूर्य नमस्कार
  2. भुजंगासन
  3. उष्ट्रासन
  4. हलासन
  5. पवनमुक्तासन
  6. सर्वांगासन
  7. मत्स्यासन
  8. उज्जाई प्राणायाम
  9. भ्रामरी प्राणायाम

घरेलू नुस्खे- Thyroid Home Remedies in Hindi –

तुलसी – एक चम्मच एलोवेरा जूस और दो चम्मच तुलसी रस को मिलाकर पिए थायराइड की समस्या दूर हो जाएगा।

अश्वगंधा – एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच अश्वगंधा का चूर्ण मिलाकर रात में सोने से पहले पिए। यह हार्मोन के स्तर को संतुलित करता है। जिससे थायराइड की समस्या पर कंट्रोल / नियंत्रण पाया जा सकता है।

त्रिफला – एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को सुसुम पानी में डालकर पिए थायराइड में लाभ मिलेगा।

लौकी – रोज सुबह खाली पेट लौकी का जूस पिए यह थायराइड के समस्या  को दूर करता है।

धनिया –  एक ग्लास गुनगुना पानी में हरी धनिया पति  को पीसकर एक चम्मच मिला लें और उसे पीएम थायराइड की समस्या का रामबाण इलाज है। यह नुस्खा हाइपरथायराइडिज्म के लिए है।

काली मिर्च – थायराइड की समस्या से निजात पाने के लिए भोजन में काली मिर्च का इस्तेमाल करें इससे बहुत लाभ मिलेगा।

दूध हल्दी –  रात में सोते समय दूध में हल्दी पका कर पिए  इससे थायराइड ठीक हो जाएगा।

और पढ़ें – पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stone) के कारण, लक्षण, इलाज, घरेलू नुस्खे,

थायराइड की समस्या में खानपान – Thyroid in Hindi Diet –

  1. भोजन में फल और सब्जियों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें।
  2. हरी पत्तेदार सब्जी का उपयोग ज्यादा करें।
  3. संतुलित आहार का ही इस्तेमाल करें।
  4. पोषक तत्व वाली भोजन करें।
  5. मिनरल्स और विटामिंस युक्त भोजन करें।
  6. आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल भोजन में अवश्य करें।
  7. सूखा मेवा जैसे काजू बदाम इत्यादि का सेवन अवश्य करें।
  8. फाइबर एवं प्रोटीन युक्त भोजन करें।
  9. साबुत अनाज का सेवन थायराइड में लाभदायक है।
  10. गाजर उपलब्ध हो तो इसे जरूर सेवन करें।
  11. गेहूं का खाने में इस्तेमाल ज्यादा करें।

थायराइड की समस्या में परहेज –

  • धूम्रपान
  • अल्कोहल
  • नशा युक्त पदार्थ
  • जंक फूड
  • पैक्ड फूड
  • प्रिजर्वेटिव युक्त फूड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – FAQ –

Q) थायराइड होते हुए भी महिला किस प्रकार से गर्भवती हो सकती है।
Ans – थायराइड होते हुए भी गर्भधारण में कोई परेशानी नहीं है बल्कि गर्भधारण के बाद थायराइड की समस्या बढ़ जाती है। इसके लिए आप थायराइड से संबंधित डॉक्टर से हमेशा संपर्क करें और बताए गए दवाई का लगातार सेवन करें।

Q) थायराइड रोग होने का मुख्य कारण क्या है ?
Ans – इस विषय पर ऊपर लेख में विस्तार से बताया गया है उसे चेक करें।

Q) थायराइड की प्रॉब्लम का इलाज क्या है ?
Ans – थायराइड के कई इलाज है जैसे दवा के द्वारा, ऑपरेशन के द्वारा, घरेलू नुस्खों के द्वारा, योगासन के द्वारा। इस विषय पर ऊपर लेख में विस्तार से बताया गया है उसे जरूर पढ़ें।

Q) गले की थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए।
Ans – थायराइड के मरीज को वसा युक्त भोजन कम करना चाहिए तथा ब्रुसेल्स स्प्राउट्स ,गोभी ,शलगम इत्यादि नहीं खाना चाहिए।

Q) क्या थायराइड की समस्या में नमक खा सकते हैं?
Ans – हां, थायराइड की समस्या में नमक खा सकते हैं। लेकिन यदि जिस व्यक्ति को हाइपरथायराइड की समस्या है वे वे आयोडीन युक्त नमक का सेवन कम करें।

Q) थायराइड में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए।
Ans – थायराइड की समस्या वाले व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा फल, पत्तेदार सब्जी, फाइबर युक्त भोजन, सूखा मेवा, संतुलित एवं पौष्टिक आहार करें तथा गोभी ब्रॉस स्प्राउट्स शलजम एवं अधिक वसा युक्त भोजन न करें।

Q) थायराइड में लहसुन खाना चाहिए या नहीं।
Ans – हाँ, थायराइड की समस्या में लहसुन खा सकते हैं इससे मेटाबॉलिज्म सिस्टम ठीक होता है।

Q) घर पर थायराइड की जांच कैसे करें?
Ans – घर पर थायराइड की जांच की कोई विश्वसनिये विधि नहीं है। इसके कुछ साधारण लक्षण से आप पहचान सकते हैं की थायराइड है या नहीं।

इस लेख से अपने क्या सीखा –

इस लेख में अपने थायराइड की समस्या से संबंधित बहुत सारी जानकारी प्राप्त किया जैसे – थायराइड क्या है(What is Thyroid in Hindi), थायराइड का हिंदी अर्थ (What is Meaning of Thyroid in Hindi), थायराइड के प्रकार, थायराइड के लक्षण, थायराइड के कारण, थायराइड की समस्या से बचाव के उपाय, थायराइड की समस्या का उपचार, घरेलू नुस्खे, थायराइड की समस्या में खानपान, थायराइड की समस्या में परहेज, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ।

आपको यह लेख What is Thyroid in Hindi से जुड़ी जानकारी कैसा लगा नीचे कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे।आपके द्वारा किया गया कॉमेंट हमे अच्छी लेख लिखने के लिए प्रेरित करता है, और साथ मे ये भी जरुर बताए यदि लेख में कोई त्रुटि हो या सुधार की जरूरत हो तो अवश्य उसके बारे में लिखे जिससे हम सुधार कर त्रुटिहीन बना सेक।

धन्यवाद…..

थायराइड घटाने का योगासन

सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, उष्ट्रासन, हलासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, मत्स्यासन, उज्जाई प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम

थायराइड में मेथी

मेथी का दान खाने से कई प्रकार के बीमारी को रोका एवं ठीक किया जा सकता है। थाइराइड की बीमारी में भी मेथी के दान खाने से लाभ मिलेता है।

थायराइड का अर्थ बताइए

Thyroid को हिंदी में थायराइड या अवटुग्रंथि कहा जाता है।

थायराइड में लहसुन खाना चाहिए या नहीं

हाँ, खा सकते हैं।

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